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सिंचाई विभाग में करोड़ों का घोटाला, टेंडर अलॉटमेंट के नाम पर हो रहा था फर्जीवाड़ा
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:00 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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सिंचाई विभाग में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में केस दर्ज करने बाद विजिलेंस ने अपनी जांच तेज कर दी है। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने फेज-9 मोहाली और सेक्टर-19 चंडीगढ़ में दबिश दी। इन ठिकानों से ही आरोपी अधिकारी फर्जीवाड़ा कर रहे थे। मामले के मुख्य आरोपी कांट्रेक्टर गुरिंदर सिंह के लिए दस्तावेज तैयार करते थे।
विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि टीम ने इन ठिकानों से दस्तावेज कब्जे में लिए है। इससे यह बात साफ हो रही है कि दोनों ठिकानों का प्रयोग आरोपी कर रहे थे। इसके अलावा विजिलेंस उन संपत्तियों की भी जांच कर रही है जो आरोपी अधिकारियों ने खरीदी थी।
वहीं, पता चला है कि आरोपी ने होटल साइट से लेकर एक नामी शॉपिंग मॉल में दुकान खरीद रखी है। जिक्रयोग है कि विजिलेंस ने सिंचाई विभाग में टेंडर अलॉटमेंट के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया है। विजिलेंस ने विभाग के सात अधिकारियों और कांट्रेक्टर गुरिंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में चार अधिकारी रिटायर हो चुके हैं।
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बैंक खाते सीज करने की तैयारी
विजिलेंस ने विभिन्न बैंकों से भी संपर्क साधा है, ताकि आरोपियों के बैंक खातों को सीज किया जा सके। इसके अलावा जांच एजेंसी ने उन सभी संपत्तियों के दस्तावेज भी चेक करने की तैयारी की है। जो कि गुरिंदर सिंह के नाम पर है। इसकी मार्केट वैल्यू सौ करोड़ के करीब बताई जा रही है।
मोहाली से नोएडा तक यह है संपत्ति
सूत्रों से पता चला है कि आरोपी गुरिंदर सिंह ने मोहाली में काफी प्रॉपर्टी खरीद रखी है। उसके एयरोसिटी में चार रिहाशी प्लॉट हैं। इनमें प्लॉट नंबर 3309, 4072, 4073 और 5059 शामिल हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में प्लॉट नंबर ई-13, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 में ई-318, होटल साइट सेक्टर-66, प्लॉट नंबर बी-39 सेक्टर-57ए , सी-3 सेक्टर-57 शामिल हैं। इसके अलावा लुधियाना जिले में एक प्लॉट है। वहीं, यमुना अथॉरिटी नोएडा में प्लॉट नंबर के-95 और एच -280 है। इसके अलावा ओमेक्स पटियाला में एक दुकान है। वहीं, विजिलेंस सूत्रों से पता चला है कि आरोपी की चंडीगढ़ में एक माइक्रा ब्रेबरी भी है।
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विजिलेंस के सूत्रों से पता चला है कि टीम ने इन ठिकानों से दस्तावेज कब्जे में लिए है। इससे यह बात साफ हो रही है कि दोनों ठिकानों का प्रयोग आरोपी कर रहे थे। इसके अलावा विजिलेंस उन संपत्तियों की भी जांच कर रही है जो आरोपी अधिकारियों ने खरीदी थी।
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वहीं, पता चला है कि आरोपी ने होटल साइट से लेकर एक नामी शॉपिंग मॉल में दुकान खरीद रखी है। जिक्रयोग है कि विजिलेंस ने सिंचाई विभाग में टेंडर अलॉटमेंट के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया है। विजिलेंस ने विभाग के सात अधिकारियों और कांट्रेक्टर गुरिंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में चार अधिकारी रिटायर हो चुके हैं।
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बैंक खाते सीज करने की तैयारी
विजिलेंस ने विभिन्न बैंकों से भी संपर्क साधा है, ताकि आरोपियों के बैंक खातों को सीज किया जा सके। इसके अलावा जांच एजेंसी ने उन सभी संपत्तियों के दस्तावेज भी चेक करने की तैयारी की है। जो कि गुरिंदर सिंह के नाम पर है। इसकी मार्केट वैल्यू सौ करोड़ के करीब बताई जा रही है।
मोहाली से नोएडा तक यह है संपत्ति
सूत्रों से पता चला है कि आरोपी गुरिंदर सिंह ने मोहाली में काफी प्रॉपर्टी खरीद रखी है। उसके एयरोसिटी में चार रिहाशी प्लॉट हैं। इनमें प्लॉट नंबर 3309, 4072, 4073 और 5059 शामिल हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में प्लॉट नंबर ई-13, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 में ई-318, होटल साइट सेक्टर-66, प्लॉट नंबर बी-39 सेक्टर-57ए , सी-3 सेक्टर-57 शामिल हैं। इसके अलावा लुधियाना जिले में एक प्लॉट है। वहीं, यमुना अथॉरिटी नोएडा में प्लॉट नंबर के-95 और एच -280 है। इसके अलावा ओमेक्स पटियाला में एक दुकान है। वहीं, विजिलेंस सूत्रों से पता चला है कि आरोपी की चंडीगढ़ में एक माइक्रा ब्रेबरी भी है।