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नोटबंदी के बीच बड़ी लूट, ATM से कैश निकालने आए थे, 4 करोड़ लेकर फरार
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Tue, 22 Nov 2016 09:06 AM IST
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नोटबंदी के बीच लूट की बड़ी घटना। एटीएम से कैश निकालने आए थे मुलाजिम। कैश निकाला भी, लेकिन 4 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए। घटना पंजाब के लुधियाना की है।
प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर एटीएम में कैश डालने और निकालने वाले एटीएम के मुलाजिमों ने अलग-अलग बैंकों के एटीएम से करीब 3.92 करोड़ रुपये निकाल लिए और उसे मेन ब्रांच में जमा कराने के बजाय खुद लेकर फरार हो गए।
जब एटीएम के मुलाजिम पैसे लेकर बैंक की मेन ब्रांच नहीं पहुंचे तो बैंक वालों को इसकी भनक लगी। जब उन्होंने आरोपियों के फोन पर संपर्क करना चाहा तो आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका। कैश निकालने के बाद आरोपी ड्यूटी पर भी नहीं आए तो कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत दी।
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पुलिस ने गांव माणकवाल के सतिंदरवीर सिंह की शिकायत पर अनिल चोपड़ा, राधेश्याम, प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह, शरणजीत सिंह, अजय कनौजिया, गुरसेवक सिंह, हरप्रीत सिंह बंटी और कमलजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सतिंदरवीर सिंह की शिकायत के मुताबिक वह साइंटेफिक मैनेजमेंट सर्विस कंपनी में काम करता है। उनकी कंपनी हिटाची कंपनी के साथ मिलकर विभिन्न बैंकों के एटीएम में कैश डालने और निकालने का काम करती है।
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प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर एटीएम में कैश डालने और निकालने वाले एटीएम के मुलाजिमों ने अलग-अलग बैंकों के एटीएम से करीब 3.92 करोड़ रुपये निकाल लिए और उसे मेन ब्रांच में जमा कराने के बजाय खुद लेकर फरार हो गए।
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जब एटीएम के मुलाजिम पैसे लेकर बैंक की मेन ब्रांच नहीं पहुंचे तो बैंक वालों को इसकी भनक लगी। जब उन्होंने आरोपियों के फोन पर संपर्क करना चाहा तो आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका। कैश निकालने के बाद आरोपी ड्यूटी पर भी नहीं आए तो कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत दी।
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पुलिस ने गांव माणकवाल के सतिंदरवीर सिंह की शिकायत पर अनिल चोपड़ा, राधेश्याम, प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह, शरणजीत सिंह, अजय कनौजिया, गुरसेवक सिंह, हरप्रीत सिंह बंटी और कमलजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सतिंदरवीर सिंह की शिकायत के मुताबिक वह साइंटेफिक मैनेजमेंट सर्विस कंपनी में काम करता है। उनकी कंपनी हिटाची कंपनी के साथ मिलकर विभिन्न बैंकों के एटीएम में कैश डालने और निकालने का काम करती है।
अलग अलग एटीएम से निकाले थे पैसे
रुपया
आठ नवंबर को भारत सरकार की तरफ से पांच सौ और हजार रुपये नोट बंद कर दिए गए। इसके बाद हिटाची कंपनी के आदेशों पर साइंटेफिक कंपनी ने एटीएम से कैश निकाल कर बैंकों की मेन ब्रांच में जमा कराने थे। साइंटेफिक कंपनी के मुलाजिमों ने आरोपियों की टीमें बनाई और उन्हें अलग अलग एटीएम से पांच सौ और हजार रुपये के नोट निकाल कर मेन ब्रांच में जमा कराने के आदेश दिए।
आरोपियों के पास ही एटीएम का पासवर्ड था और उन्होंने एटीएम खोल कर उनमें से कैश निकाल लिया। सभी आरोपियों ने मिल कर अलग अलग एटीएम से करीब तीन करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपये इकट्ठे किया, लेकिन कैश को बैंकों की मेन ब्रांच में जमा कराने के बजाय खुद हड़प गए। उसके बाद कोई भी आरोपी अपनी ड्यूटी पर नहीं आया। जब आरोपी नहीं आए तो बैंक अधिकारियों ने उनके फोन पर संपर्क किया, लेकिन किसी के साथ कोई संपर्क नहीं हो सका।
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने कहा कि पुलिस के हाथ अभी कोई आरोपी नहीं आया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपियों के पास ही एटीएम का पासवर्ड था और उन्होंने एटीएम खोल कर उनमें से कैश निकाल लिया। सभी आरोपियों ने मिल कर अलग अलग एटीएम से करीब तीन करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपये इकट्ठे किया, लेकिन कैश को बैंकों की मेन ब्रांच में जमा कराने के बजाय खुद हड़प गए। उसके बाद कोई भी आरोपी अपनी ड्यूटी पर नहीं आया। जब आरोपी नहीं आए तो बैंक अधिकारियों ने उनके फोन पर संपर्क किया, लेकिन किसी के साथ कोई संपर्क नहीं हो सका।
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने कहा कि पुलिस के हाथ अभी कोई आरोपी नहीं आया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।