कैराना के छात्र को अगवा कर रोहतक में हत्या की आशंका, जांच में जुटी यूपी पुलिस
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यूपी के शामली जिले के कैराना से दो दिन से लापता आठवीं का छात्र रविवार सुबह रेलवे स्टेशन पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। आसपास के लोग उसे पीजीआई ले गए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई है। पीजीआई प्रशासन ने शामली पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर रोहतक पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
कैराना के मामौर गांव निवासी बिजेंद्र किसान हैं और खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बताया कि उनका 15 वर्षीय बेटा रोहित मामौर के न्यू ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल में आठवीं का छात्र था।
परिजनों ने दो दिन पहले ही छात्र के गांव से ही संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने कैराना थाने पर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस छात्र को तलाश करने में लगी थी पर उसका कोई पता नहीं लग पा रहा था।
कोतवाली प्रभारी कैराना राजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को सूचना मिली कि रोहित का शव रोहतक से बरामद किया गया है। मामले की सूचना परिजनों को दी गई। सूचना पाते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने अपहरण कर छात्र की हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, किसी पर शक नहीं जताया। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि रोहतक पुलिस के सहयोग से मामले की जांच की जाएगी। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
मामले की जानकारी से किया इनकार
इस संबंध में रोहतक की एएसपी अंशू सिंगला से बात की गई। उन्होंने शव मिलने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी कराई जाएगी।
स्कूल बेल्ट पर लिखे नाम से हुई पहचान
यूपी पुलिस के अनुसार रोहित स्कूल बेल्ट लगाए हुए था। इस पर न्यू ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल लिखा था। इसके अलावा बेल्ट पर मामौर के अलावा मुजफ्फरनगर का भी नाम लिखा था। पीजीआई प्रशासन ने मुजफ्फरनगर के एसपी क्राइम को मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे।
मां के डांटने की बात आई सामने
कैराना थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि छात्र को उसकी मां ने भी डांट दिया था। जिससे वह क्षुब्ध था। मां के डांटने से क्षुब्ध होकर भी छात्र के हरियाणा जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
व्हाट्सएप से भेजा फोटो
पीजीआई प्रशासन ने व्हाट्सएप के माध्यम से छात्र का फोटो मुजफ्फरनगर के एसपी क्राइम को भेजा था। इसके बाद एसआई सीमा ने छात्र के परिवार का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई।
आखिर स्थानीय पुलिस को सूचना देना क्यों नहीं समझा मुनासिब
रोहतक में छात्र के बेहोशी की हालत में मिलने के बावजूद पीजीआई प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी। मुजफ्फरनगर पुलिस को ही सूचना दी गई। आखिर क्यों पीजीआई प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचना देना मुनासिब क्यों नहीं समझा। इसकी भी जांच की जा रही है।