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Chandigarh: स्कूल के बाहर छात्र को मारा चाकू, मां ने पुलिस को फोन करने के लिए कहा तो टीचर बोली-बैलेंस नहीं
Sat, 24 Feb 2024 12:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:43 PM IST
सार
छात्र के गाल पर सात टांके लगे हैं। छात्र की दी शिकायत में उस पर हमला करने वाले 10वीं के छात्र और उसके 3-4 साथियों के नाम भी दिए हैं। छात्र ने बताया कि उसे सभी के नाम नहीं पता, लेकिन वह सबको देखकर पहचान सकता है।
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मलोया स्कूल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
चंडीगढ़ में मलोया आरसी 2 के गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल से छुट्टी होने पर दोपहर ढाई बजे नौवीं कक्षा का छात्र गेट से बाहर निकला तो 10वीं के विद्यार्थी ने अपने गुट के साथ मिलकर उस पर चाकू से हमला कर दिया।
गाल पर चाकू लगने से छात्र स्कूल के अंदर भागा तो शिक्षकों ने न तो उसे प्राथमिक उपचार दिया और न ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। छात्र की मां ने पुलिस को फोन करने के लिए कहा तो अध्यापिका बोली फोन में रिचार्ज नहीं है।
घटना सोमवार की है जब छात्र छुट्टी होने के बाद घर आ रहा था। इतने में स्कूल गेट के पास उसका एक सीनियर अपने दल के साथ आया और उसे पीटने लगा। छात्र ने रोकने की कोशिश की तो दूसरे विद्यार्थी ने चाकू निकाल दिया और उसकी गर्दन पर वार करने के लिए आगे बढ़ा। चाकू छात्र के गाल पर लगा और वह मदद के लिए स्कूल के अंदर भागा। शिक्षकों ने छात्र को जख्मी हालत में देखा लेकिन उसे प्राथमिक उपचार नहीं दिया। उसके घर पर फोन कर दिया। छात्र की मां ने बताया कि वह स्कूल पहुंची तो बेटे के गाल पर गहरा जख्म था और खून बह रहा था। उनके फोन में रिचार्ज नहीं था इसलिए उन्होंने अध्यापिका से पुलिस को फोन करने के लिए अनुरोध किया तो अध्यापिका ने फोन करने से यह कह कर इनकार कर दिया कि उसमें बैलेंस नहीं है।
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चेहरे पर लगे सात टांके
छात्र के अभिभावक उसे सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल लेकर आए जहां उसके गाल पर सात टांके लगे। अभिभावक ने पुलिस को शिकायत दी और अस्पताल में उसका बयान लिया गया। अभिभावक शिकायत देने के लिए पहले मलोया थाना और फिर सेक्टर 9 थाना गए। छात्र की दी शिकायत में उस पर हमला करने वाले 10वीं के छात्र और उसके 3-4 साथियों के नाम भी दिए हैं। छात्र ने बताया कि उसे सभी के नाम नहीं पता, लेकिन वह सबको देखकर पहचान सकता है। मामला यहीं पर समाप्त नहीं हुआ। छात्र के पिता ने बताया कि वीरवार को उन्हें मलोया थाना में बुला कर समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया। चोट के कारण सोमवार के बाद स्कूल नहीं जा पाया। ऐसे में स्कूल ने एक बार भी छात्र का हाल पूछने की कोशिश नहीं की और न ही और न ही हमला करने वाले विद्यार्थी के खिलाफ कोई कदम उठाया।
स्कूल प्रधानाचार्य पंकेश कुमार को संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा किसी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया गया।
स्कूल से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। प्रधानाचार्य ने बताया कि मामला स्कूल की छुट्टी के बाद का है और घटना होने पर शिक्षकों ने विद्यार्थी की मदद की। समय पर अभिभावकों को बुलाया और पुलिस रिपोर्ट दर्ज की गई और छात्र को अस्पताल ले जाया गया। स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार हमला करने वाले बाहर के लोग हैं। - बिंदु अरोड़ा, डीईओ
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गाल पर चाकू लगने से छात्र स्कूल के अंदर भागा तो शिक्षकों ने न तो उसे प्राथमिक उपचार दिया और न ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। छात्र की मां ने पुलिस को फोन करने के लिए कहा तो अध्यापिका बोली फोन में रिचार्ज नहीं है।
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घटना सोमवार की है जब छात्र छुट्टी होने के बाद घर आ रहा था। इतने में स्कूल गेट के पास उसका एक सीनियर अपने दल के साथ आया और उसे पीटने लगा। छात्र ने रोकने की कोशिश की तो दूसरे विद्यार्थी ने चाकू निकाल दिया और उसकी गर्दन पर वार करने के लिए आगे बढ़ा। चाकू छात्र के गाल पर लगा और वह मदद के लिए स्कूल के अंदर भागा। शिक्षकों ने छात्र को जख्मी हालत में देखा लेकिन उसे प्राथमिक उपचार नहीं दिया। उसके घर पर फोन कर दिया। छात्र की मां ने बताया कि वह स्कूल पहुंची तो बेटे के गाल पर गहरा जख्म था और खून बह रहा था। उनके फोन में रिचार्ज नहीं था इसलिए उन्होंने अध्यापिका से पुलिस को फोन करने के लिए अनुरोध किया तो अध्यापिका ने फोन करने से यह कह कर इनकार कर दिया कि उसमें बैलेंस नहीं है।
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चेहरे पर लगे सात टांके
छात्र के अभिभावक उसे सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल लेकर आए जहां उसके गाल पर सात टांके लगे। अभिभावक ने पुलिस को शिकायत दी और अस्पताल में उसका बयान लिया गया। अभिभावक शिकायत देने के लिए पहले मलोया थाना और फिर सेक्टर 9 थाना गए। छात्र की दी शिकायत में उस पर हमला करने वाले 10वीं के छात्र और उसके 3-4 साथियों के नाम भी दिए हैं। छात्र ने बताया कि उसे सभी के नाम नहीं पता, लेकिन वह सबको देखकर पहचान सकता है। मामला यहीं पर समाप्त नहीं हुआ। छात्र के पिता ने बताया कि वीरवार को उन्हें मलोया थाना में बुला कर समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया। चोट के कारण सोमवार के बाद स्कूल नहीं जा पाया। ऐसे में स्कूल ने एक बार भी छात्र का हाल पूछने की कोशिश नहीं की और न ही और न ही हमला करने वाले विद्यार्थी के खिलाफ कोई कदम उठाया।
स्कूल प्रधानाचार्य पंकेश कुमार को संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा किसी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया गया।
स्कूल से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। प्रधानाचार्य ने बताया कि मामला स्कूल की छुट्टी के बाद का है और घटना होने पर शिक्षकों ने विद्यार्थी की मदद की। समय पर अभिभावकों को बुलाया और पुलिस रिपोर्ट दर्ज की गई और छात्र को अस्पताल ले जाया गया। स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार हमला करने वाले बाहर के लोग हैं। - बिंदु अरोड़ा, डीईओ