कर्ज के 'जहर' ने 5 और किसानों की जान ली
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पंजाब में होशियारपुर के गांव मौजीपुर के किसान राम सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। फसल खराब होने से कर्ज न उतार पाने के कारण वह परेशान था। इस कारण बीस अप्रैल को वह घर से कहीं चला गया था। शनिवार को उसका शव खेतों की झाड़ियों से मिला।
पोस्टमार्टम में जहर खाने की पुष्टि हुई है। राम सिंह के भतीजों ने बताया कि उनके चाचा ने पांच एकड़ जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फसल की बुआई की थी। इसके अलावा उन्होंने परिवार के चार एकड़ खेत में भी गेहूं की बुआई की थी।
खेती के लिए उन्होंने सहकारी को-आपरेटिव सोसायटी से साठ हजार रुपये कर्ज लिया था। इसके अलावा आढ़ती से भी एक लाख रुपये ले रखे थे। राम सिंह ने कहा था कि फसल बेेच कि कर्जा वापस कर देंगे। लेकिन बारिश के कारण फसल खराब हो गई।
दो ने की सुसाइड, दो की सदमे से मौत
हरियाणा में फसल बर्बादी के सदमे से किसानों की मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। और हिसार जिले में शनिवार को चार और किसानों की जान चली गई।
सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल के गांव राजलू गढी में गेहूं की फसल में नुकसान के चलते अशोक (31) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि उसने साढ़े चार एकड़ भूमि ठेके पर ले रखी थी।
हिसार जिले के उगालन गांव का किसान कृष्ण कुमार शनिवार को जब कंबाइन से गेहूं निकालना शुरू किया तो एक एकड़ में 5-6 मन गेहूं निकला। हताश होकर उसने पेड़ से लटककर जान दे दी।
भिवानी के चैहड़ कलां गांव में फूलसिंह ने भी फसल नुकसान को सह नहीं पाया और सदमे में दम तोड़ गया। सोनीपत के गांव बरोदा में हवासिंह की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।