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आईएएस तन्वी गर्ग के खिलाफ शुरू होगा ट्रायल, ये है मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Sep 2016 02:10 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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30 लाख रुपये के चेक बाउंस के मामले में अदालत से हुए समन के आदेश को चुनौती देने वाली आईएएस तन्वी गर्ग की याचिका को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। इसके बाद तन्वी गर्ग के खिलाफ केस का ट्रायल शुरू होगा और उन्हें अदालत में पेश भी होना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि रजत गुप्ता ने तन्वी गर्ग के खिलाफ 30 लाख रुपये के चेक बाउंस का केस दायर किया था। गुप्ता के अनुसार, तन्वी गर्ग ने उनसे 30 लाख रुपये लिए थे। इसके एवज में उन्होंने रजत को 30 लाख का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था। इसके बाद रजत ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था। नोटिस के बाद रजत की ओर से केस दर्ज कराया गया था। वहीं तन्वी गर्ग की ओर से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रजत ने उनके घर से चेक चोरी किया है।
वहीं, रजत की ओर से दायर केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने तन्वी गर्ग को समन जारी किए थे। इसके बाद वर्तमान में अंडमान निकोबार में तैनात तन्वी गर्ग ने अदालत से हुए समन के आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत समन भेजे गए हैं।
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तन्वी गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए सामने आया कि उनके वकालतनामे पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं हैं। वहीं आईएएस ने मामले में लीगल नोटिस मिलने के बाद चेक चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा उनकी ओर से पेश जीपीए में उनके पिता को अधिकृत नहीं किया गया था। इस आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने तन्वी गर्ग की याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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गौरतलब है कि रजत गुप्ता ने तन्वी गर्ग के खिलाफ 30 लाख रुपये के चेक बाउंस का केस दायर किया था। गुप्ता के अनुसार, तन्वी गर्ग ने उनसे 30 लाख रुपये लिए थे। इसके एवज में उन्होंने रजत को 30 लाख का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था। इसके बाद रजत ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था। नोटिस के बाद रजत की ओर से केस दर्ज कराया गया था। वहीं तन्वी गर्ग की ओर से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रजत ने उनके घर से चेक चोरी किया है।
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वहीं, रजत की ओर से दायर केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने तन्वी गर्ग को समन जारी किए थे। इसके बाद वर्तमान में अंडमान निकोबार में तैनात तन्वी गर्ग ने अदालत से हुए समन के आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत समन भेजे गए हैं।
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तन्वी गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए सामने आया कि उनके वकालतनामे पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं हैं। वहीं आईएएस ने मामले में लीगल नोटिस मिलने के बाद चेक चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा उनकी ओर से पेश जीपीए में उनके पिता को अधिकृत नहीं किया गया था। इस आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने तन्वी गर्ग की याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।