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मारपीट में घायल बुजुर्ग का जीएमसीएच-32 में चल रहा है इलाज
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:56 AM IST
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बंदर का जूठन खिलाने का विरोध करने पर बुजुर्ग से की मारपीट
- परिजनों ने पुलिस से ठेकेदार और आरोपी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
- मारपीट में घायल बुजुर्ग का जीएमसीएच-32 में चल रहा है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मारपीट में जख्मी 70 वर्षीय अली जान खान का अभी भी जीएमसीएच-32 में इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि ठेकेेदार की लापरवाही के कारण बुजुर्ग की हालत बिगड़ी, जिन्हें पूरी रात न तो घर भेजा गया और न ही अस्पताल। चंडीमंदिर थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दरअसल, शनिवार रात बिल्ला निवासी अली जान एनएच-73 पर बंदरघाटी के पास दिहाड़ी पर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। परिजन जुगनू ने बताया कि उनके ससुर के साथ शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे वहीं काम करने वाले एक कर्मी से उस वक्त कहासुनी हो गई, जब उसने बंदर के मुंह का छोड़ा हुआ केला बुजुर्ग के मुंह में ठूंस दिया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो आरोपी लंबू ने कंप्रेशर से अली खान पर वार किए। जिस वजह से बुजुर्ग जख्मी हो गए। लेकिन शाम को उन्हें न तो ठेकेदार या किसी कर्मी ने रोजाना की तरह घर तक पहुंचाया, बल्कि पूरी रात वे जंगल में अकेले ठिठुरते रहे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने मारपीट के बाद उन्हें कार्यस्थल पर ही छोड़ दिया, अगर उनकी मौत हो जाती तो कौन जिम्मेवार होता। जुगनू ने बताया कि उनके ससुर के अलावा अन्य वर्करों को रोजाना ठेेकेदार निजामुद्दीन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिये गांव तक पहुंचाया जाता है। शनिवार शाम सभी लौटे, लेकिन बुजुर्ग नहीं। उन्होंने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिमाग में खून जमने से बिगड़ी हालत
डॉक्टरों के मुताबिक मारपीट में जख्मी हुए अली जान के दिमाग में खून जम गया है। इस वजह से उनका बर्ताव भी पहले से अलग है। फिलहाल, वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं, लेकिन उनकी हालत पूरी तरह स्थिर नहीं है। परिजनों का आरोप है कि जिस ठेकेदार की वजह से यह घटना हुई, उस पर कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने सोमवार को पीड़ित का बयान भी ले लिया है। इस मामले में चंडीमंदिर थाना के एसएचओ ने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है और उचित कार्रवाई होगी।
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- परिजनों ने पुलिस से ठेकेदार और आरोपी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
- मारपीट में घायल बुजुर्ग का जीएमसीएच-32 में चल रहा है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मारपीट में जख्मी 70 वर्षीय अली जान खान का अभी भी जीएमसीएच-32 में इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि ठेकेेदार की लापरवाही के कारण बुजुर्ग की हालत बिगड़ी, जिन्हें पूरी रात न तो घर भेजा गया और न ही अस्पताल। चंडीमंदिर थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दरअसल, शनिवार रात बिल्ला निवासी अली जान एनएच-73 पर बंदरघाटी के पास दिहाड़ी पर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। परिजन जुगनू ने बताया कि उनके ससुर के साथ शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे वहीं काम करने वाले एक कर्मी से उस वक्त कहासुनी हो गई, जब उसने बंदर के मुंह का छोड़ा हुआ केला बुजुर्ग के मुंह में ठूंस दिया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो आरोपी लंबू ने कंप्रेशर से अली खान पर वार किए। जिस वजह से बुजुर्ग जख्मी हो गए। लेकिन शाम को उन्हें न तो ठेकेदार या किसी कर्मी ने रोजाना की तरह घर तक पहुंचाया, बल्कि पूरी रात वे जंगल में अकेले ठिठुरते रहे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने मारपीट के बाद उन्हें कार्यस्थल पर ही छोड़ दिया, अगर उनकी मौत हो जाती तो कौन जिम्मेवार होता। जुगनू ने बताया कि उनके ससुर के अलावा अन्य वर्करों को रोजाना ठेेकेदार निजामुद्दीन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिये गांव तक पहुंचाया जाता है। शनिवार शाम सभी लौटे, लेकिन बुजुर्ग नहीं। उन्होंने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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दिमाग में खून जमने से बिगड़ी हालत
डॉक्टरों के मुताबिक मारपीट में जख्मी हुए अली जान के दिमाग में खून जम गया है। इस वजह से उनका बर्ताव भी पहले से अलग है। फिलहाल, वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं, लेकिन उनकी हालत पूरी तरह स्थिर नहीं है। परिजनों का आरोप है कि जिस ठेकेदार की वजह से यह घटना हुई, उस पर कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने सोमवार को पीड़ित का बयान भी ले लिया है। इस मामले में चंडीमंदिर थाना के एसएचओ ने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है और उचित कार्रवाई होगी।
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