{"_id":"59d7e1f74f1c1bcd538b61b0","slug":"15073203668-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश रचने वालों पर नहीं कसा शिकंजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश रचने वालों पर नहीं कसा शिकंजा
Updated Sat, 07 Oct 2017 01:35 AM IST
विज्ञापन
पंजाब पुलिस के सात कमांडो की भी नहीं हुई गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हनीप्रीत की जीरकपुर से गिरफ्तारी के बाद हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर देश भर में हनीप्रीत की तलाश में खाक छान रही हरियाणा पुलिस पंजाब में उसके छिपे होने का सुराग तक नहीं लगा सकी। जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद माना है कि पंजाब पुलिस के संरक्षण में हनीप्रीत रही। यही नहीं डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने की साजिश रचने वाले पंजाब पुलिस के सात कमांडो को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा और आगजनी में मौत के मंजर के बाद पुलिस ने 1100 के करीब आरोपियों को तो गिरफ़्तार कर लिया। लेकिन हिंसा की साजिश में शामिल अहम आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार देरी हो रही है। काफी मशक्कत के बाद पंजाब पुलिस ने जब हनीप्रीत का सुराग दिया तो पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद भी कोई अहम सुबूत नहीं मिले हैं, जिस आधार पर फरार आरोपियों तक पुलिस पहुंच सके।
मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में हो रही है देरी
डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद 25 को हनीप्रीत हेलीकॉप्टर से रवाना हुई, लेकिन अगले दिन से वह कहां गायब हुई, इसका पुलिस पता नहीं कर सकी। पांच दिन बाद एक आरोपी के बयान पर पुलिस ने हनीप्रीत के खिलाफ भी मामला दर्ज कर, लुक आउट नोटिस जारी कर दिया। लेकिन इसके बाद भी वह एक महीने तक पुलिस को चमका देती रही। आदित्य और पवन इंसा को हिंसा भड़काने की साजिश में अहम माना जा रहा है, बावजूद इसके उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा था कि उससे होने वाले खुलासा में पुलिस दंगा भडक़ाने और इसकी साजिश में शामिल सभी लेागों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन, अब हनीप्रीत के बारे में जांच में सहयोग न करने की बात कही जा रही है। अगर पूछताछ में पुलिस को कोई अहम जानकारी नहीं मिलती है तो रिमांड की अवधि बढ़ाने की अदालत से पुलिस मांग करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हनीप्रीत की जीरकपुर से गिरफ्तारी के बाद हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर देश भर में हनीप्रीत की तलाश में खाक छान रही हरियाणा पुलिस पंजाब में उसके छिपे होने का सुराग तक नहीं लगा सकी। जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद माना है कि पंजाब पुलिस के संरक्षण में हनीप्रीत रही। यही नहीं डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने की साजिश रचने वाले पंजाब पुलिस के सात कमांडो को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा और आगजनी में मौत के मंजर के बाद पुलिस ने 1100 के करीब आरोपियों को तो गिरफ़्तार कर लिया। लेकिन हिंसा की साजिश में शामिल अहम आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार देरी हो रही है। काफी मशक्कत के बाद पंजाब पुलिस ने जब हनीप्रीत का सुराग दिया तो पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद भी कोई अहम सुबूत नहीं मिले हैं, जिस आधार पर फरार आरोपियों तक पुलिस पहुंच सके।
विज्ञापन
मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में हो रही है देरी
डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद 25 को हनीप्रीत हेलीकॉप्टर से रवाना हुई, लेकिन अगले दिन से वह कहां गायब हुई, इसका पुलिस पता नहीं कर सकी। पांच दिन बाद एक आरोपी के बयान पर पुलिस ने हनीप्रीत के खिलाफ भी मामला दर्ज कर, लुक आउट नोटिस जारी कर दिया। लेकिन इसके बाद भी वह एक महीने तक पुलिस को चमका देती रही। आदित्य और पवन इंसा को हिंसा भड़काने की साजिश में अहम माना जा रहा है, बावजूद इसके उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा था कि उससे होने वाले खुलासा में पुलिस दंगा भडक़ाने और इसकी साजिश में शामिल सभी लेागों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन, अब हनीप्रीत के बारे में जांच में सहयोग न करने की बात कही जा रही है। अगर पूछताछ में पुलिस को कोई अहम जानकारी नहीं मिलती है तो रिमांड की अवधि बढ़ाने की अदालत से पुलिस मांग करेगी।
विज्ञापन