सावधान: चंडीगढ़ में रिकवरी रेट 16 फीसदी गिरा, कोरोना के सक्रिय मरीज उच्चतम स्तर पर
- शहर में सक्रिय मरीजों की संख्या 200 के करीब, तीन जुलाई के बाद से लगातार बढ़ रहे केस
- इससे पहले 13 मई को रिकॉर्ड किए गए थे 154, फिर 17 जुलाई को दर्ज किए 169 मामले
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अनलॉक-2 ने कोरोना के केसों की रफ्तार बढ़ा दी है। महामारी के नियंत्रण की ओर बढ़ रहे चंडीगढ़ में अचानक से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। इससे कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में कमी और सक्रिय केसों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। यह पहली बार है, जब सक्रिय मरीजों की संख्या उच्चतम स्तर पर हो। शनिवार को 31 पॉजिटिव मरीजों के साथ सक्रिय मरीजों की संख्या 194 पहुंच गई। इससे पहले 13 मई को सक्रिय मरीजों की उच्चतम दर 154 दर्ज की गई थी। उसके बाद गिरावट शुरू हो गई थी।
बीते 6 जून को कोरोना के कुल 34 सक्रिय मरीज थे। बाकी ठीक होकर घर आ गए थे लेकिन अनलॉक-2 की घोषणा होते ही एक बार फिर केसों की गति बढ़ने लगी। तीन जुलाई के बाद से सक्रिय मरीजों का ग्राफ नीचे नहीं आया। पॉजिटिव मरीजों की गति तेज होने से ठीक होने वाले मरीजों की ग्राफ पर भी असर पड़ा है।
रिकवरी रेट में करीब 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को रिकवरी रेट 70.19 फीसदी रिकॉर्ड किया गया है, जो जून के आखिरी सप्ताह में 86 फीसदी रिकॉर्ड किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो रिकवरी रेट अभी नीचे और आएगा।
जितने जून में आए थे, उससे 50 फीसदी ज्यादा आधी जुलाई में आ चुके
अनलॉक-2 में लोगों की ओर से बरती जा रही लापरवाही का नतीजा यह हुआ है कि जून के मुकाबले आधी जुलाई में ही 50 फीसदी केस बढ़ गए हैं। चंडीगढ़ में जून महीने में 146 नए केस आए थे, जबकि एक से 17 जुलाई के बीच 220 नए केस आ चुके हैं। इसी तरह से पंचकूला में जून के महीने में 157 केस आए थे जबकि जुलाई में अब तक 221 केस आ चुके हैं। मोहाली में भी स्थिति ठीक नहीं है। जून में मोहाली में 86 केस दर्ज किए गए थे, जबकि अभी तक नए केस 128 दर्ज किए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार से चंडीगढ़ प्रशासन को मिले 20 वेंटिलेटर
कोरोना से जंग में केंद्र सरकार की ओर से 20 वेंटिलेटर मिले हैं। इनमें से 15 वेंटिलेटर सेक्टर-48 हास्पिटल में परीक्षण के लिए रखे गए हैं। चंडीगढ़ के अधिकारियों के मुताबिक ये वेंटिलेटर पीजीआई और जीएमसीएच- 32 के बीच बराबर बांटे जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 के दस फीसदी मरीजों में गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं। इनमें से कुछ मरीजों को आईसीयू की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में कोरोना पीड़ित को मौत से बचाने के लिए वेंटिलेटर की आवश्यकता जरूरी है।
कब कितने रहे एक्टिव केस
तारीख एक्टिव केस
19 मार्च 1
6 मई 102
13 मई 158
21 मई 37
10 जून 34
6 जून 31
17 जुलाई 169
18 जुलाई 194
चंडीगढ़ सहित पूरे देश में कोरोना के तेजी से केस बढ़ रहे हैं। सरकार और प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। अब लोगों की भागीदारी जरूरी है। लोगों को समझना चाहिए कि वह दूसरे लोगों से निश्चित दूरी बनाकर रखें। घर के बाहर मास्क लगाकर रखें। जब तक जरूरी न हो, तब तक बाहर न निकलें। - रविंद्र खैवाल, एडिश्नल प्रोफेसर स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, पीजीआई