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Chandigarh News: डीजीपी को बदनाम करने की रची साजिश, तीन मुलाजिमों पर एफआईआर दर्ज
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चंडीगढ़। डीजीपी सुरेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिकारियों को बदनाम करने की साजिश रचने के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन पुलिस कर्मचारियों व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 224, 336 (4), 351 (4), 356 और 61 के तहत केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया अफसरों को काफी समय से बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही थी। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और व्हाट्सएप के जरिए डीजीपी चंडीगढ़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बदनाम करने के लिए धमकी भरे पत्र और ईमेल वायरल किए। पत्र और ईमेल को वेरिफाई करने के लिए अफसरों ने जांच करवाई। इसमें सामने आया कि अफसरों की छवि खराब करने के लिए पत्र वायरल किए गए थे। इन पत्रों में शिकायतकर्ताओं के तौर पर फर्जी नामों का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आई है। एफआईआर में जसपाल, ओमप्रकाश और महिलाकर्मी जसविंदर का नाम शामिल है। हालांकि, एफआईआर में इन मुलाजिमों का रैंक और पता नहीं दर्ज है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में और भी कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी शामिल हैं।
मोहाली और चंडीगढ़ में हुई थी मीटिंग
एफआईआर में लिखा गया है कि पुलिस कर्मचारियों ने चंडीगढ़ और मोहाली में बैठक की थी। क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि यह ईमेल और पत्र कहां से वायरल हुए और कहां टाइप हुए थे। सूत्रों की मानें तो एक लैपटॉप से पत्र टाइप किए गए थे।
हाल ही में दो पुलिसकर्मी हुए थे गिरफ्तार
हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद सेक्टर 39 थाने के वरिष्ठ सिपाही प्रदीप और सिपाही सुरेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस और स्नैचिंग की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने महिला ड्रग्स तस्कर बाला के घर के बाहर फायरिंग करने वाले पंजाब पुलिस के वांटेड ड्रग्स तस्कर दीपक को गोली चलाने की घटना से पहले दो बार पकड़कर छोड़ा था। सूत्रों के अनुसार आरोपियों को छोड़ने की एवज में क्रैक बॉल (ड्रग), 35 हजार रुपये नकद, मोबाइल और सोने की चेन छीन ली थी।
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डीजीपी ने बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया
डीजीपी सुरेन्द्र यादव भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बेहतर काम करने के लिए वह पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी कर रहे हैं। डीजीपी ने सोमवार को बेहतर काम करने वाले कई मुलाजिमों को नकद पुरस्कार के साथ सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
डीजीपी ने दी सख्त चेतावनी
सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा में डीजीपी सुरेंद्र यादव ने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी संगठित अपराध में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा काम न करे जिससे विभाग का नाम खराब हो। उन्होंने कहा कि उन्हें हर चीज की खबर है कौन क्या कर रहा है। उन्होंने कहा था कि मुलाजिम अनुशासन में रहकर नौकरी करें।
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मोहाली और चंडीगढ़ में हुई थी मीटिंग
एफआईआर में लिखा गया है कि पुलिस कर्मचारियों ने चंडीगढ़ और मोहाली में बैठक की थी। क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि यह ईमेल और पत्र कहां से वायरल हुए और कहां टाइप हुए थे। सूत्रों की मानें तो एक लैपटॉप से पत्र टाइप किए गए थे।
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हाल ही में दो पुलिसकर्मी हुए थे गिरफ्तार
हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद सेक्टर 39 थाने के वरिष्ठ सिपाही प्रदीप और सिपाही सुरेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस और स्नैचिंग की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने महिला ड्रग्स तस्कर बाला के घर के बाहर फायरिंग करने वाले पंजाब पुलिस के वांटेड ड्रग्स तस्कर दीपक को गोली चलाने की घटना से पहले दो बार पकड़कर छोड़ा था। सूत्रों के अनुसार आरोपियों को छोड़ने की एवज में क्रैक बॉल (ड्रग), 35 हजार रुपये नकद, मोबाइल और सोने की चेन छीन ली थी।
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डीजीपी ने बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया
डीजीपी सुरेन्द्र यादव भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बेहतर काम करने के लिए वह पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी कर रहे हैं। डीजीपी ने सोमवार को बेहतर काम करने वाले कई मुलाजिमों को नकद पुरस्कार के साथ सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
डीजीपी ने दी सख्त चेतावनी
सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा में डीजीपी सुरेंद्र यादव ने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी संगठित अपराध में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा काम न करे जिससे विभाग का नाम खराब हो। उन्होंने कहा कि उन्हें हर चीज की खबर है कौन क्या कर रहा है। उन्होंने कहा था कि मुलाजिम अनुशासन में रहकर नौकरी करें।