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आयुक्त के निर्देश, प्रतिदिन करें 150 एमटी कचरे का निस्तारण
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चंडीगढ़। नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने शुक्रवार को सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट, इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सीएंडडी वेस्ट प्लांट और 3 बीआरडी स्थित एमआरएफ सेंटर व एसटीपी का निरीक्षण किया। इस दौरान आयुक्त ने प्लांट में 150 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निस्तारण करने को कहा। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 100 एमटी तक ही कचरा निस्तारण किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि मशीन को थोड़ा अपडेट कर ज्यादा से ज्यादा कचरा निस्तारण करें।
आयुक्त ने कहा कि अभी भी कुछ क्षेत्रों से मिश्रित कचरा आ रहा है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाकर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए कहा जाए। इसके साथ ही एसटीपी को अपग्रेड करके टर्शरी वाटर की क्षमता को बढ़ाया जा सके। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने आयुक्त को बताया कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट में शहर से मलबा लाकर पेबर ब्लॉक बनाने का काम किया जाता है, जो फुटपाथ, सड़क, बाड़ लगाने के काम के लिए प्रयोग होता है। प्रोसेसिंग प्लांट स्टील को छोड़कर 1-1.5 फुट के आकार के सीमेंट, मलबा को क्रश करता है। इसकेबाद आयुक्त 3 बीआरडी और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर पहुंचीं। संयुक्त आयुक्त ने यहां के काम के बारे में आयुक्त को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर-घर से आने वाले कूड़े को यहां लाया जाता है, जिसे अलग करके कचरे को निस्तारण के लिए भेजा जाता है। इसकेबाद आयुक्त सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचीं। जहां उन्होंने पानी के शोधन की जानकारी ली। इस बीच आयुक्त ने सेक्टर-39 स्थित वाटरवर्क्स का भी दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि कजौली वाटरवर्क्स से 87 एमजीडी पानी आता है।
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आयुक्त ने कहा कि अभी भी कुछ क्षेत्रों से मिश्रित कचरा आ रहा है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाकर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए कहा जाए। इसके साथ ही एसटीपी को अपग्रेड करके टर्शरी वाटर की क्षमता को बढ़ाया जा सके। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने आयुक्त को बताया कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट में शहर से मलबा लाकर पेबर ब्लॉक बनाने का काम किया जाता है, जो फुटपाथ, सड़क, बाड़ लगाने के काम के लिए प्रयोग होता है। प्रोसेसिंग प्लांट स्टील को छोड़कर 1-1.5 फुट के आकार के सीमेंट, मलबा को क्रश करता है। इसकेबाद आयुक्त 3 बीआरडी और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर पहुंचीं। संयुक्त आयुक्त ने यहां के काम के बारे में आयुक्त को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर-घर से आने वाले कूड़े को यहां लाया जाता है, जिसे अलग करके कचरे को निस्तारण के लिए भेजा जाता है। इसकेबाद आयुक्त सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचीं। जहां उन्होंने पानी के शोधन की जानकारी ली। इस बीच आयुक्त ने सेक्टर-39 स्थित वाटरवर्क्स का भी दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि कजौली वाटरवर्क्स से 87 एमजीडी पानी आता है।
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