Punjab: अगले सीजन चावल व सरसों का एक दाना भी नहीं देंगे, आखिर भगवंत मान ने केंद्र को क्यों दी ये चेतावनी?
पंजाब में इस सीजन बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। यही वजह थी कि पंजाब सरकार ने केंद्र से गेहूं की खरीद मानदंड़ों में राहत की मांग की थी। केंद्र ने राहत तो दी लेकिन कुछ शर्तों को भी लागू कर दिया। इन्हें शर्तों का विरोध पंजाब के सीएम भगवंत मान कर रहे हैं।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेमौसम बारिश से खराब गेहूं खरीद पर केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्ता मानकों के आधार पर एमएसपी में कटौती करने पर नाराजगी जाहिर की है।
गुरुवार को उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने कट लगाकर सही नहीं किया। किसानों को नुकसान तो नहीं होने देंगे लेकिन केंद्र सरकार भी समझ ले कि हमारा भी समय आएगा। अगले सीजन में चावल और सरसों का एक दाना भी नहीं देंगे और पंजाब से सारा अनाज सीधे राज्यों को बेचा जाएगा।
भगवंत मान गुरुवार को अबोहर में किसानों को मुआवजे के चेक बांटने के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुछ राज्यों से सीधी बात भी हो गई है और वह पंजाब से सीधे चावल और सरसों खरीदने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र को चेतावनी दी है कि अब अगली फसल पर केंद्र का फोन आया तो उन्हें कह देंगे कि पहले पिछले गेहूं पर लगाया कट ब्याज समेत वापस करो, वरना पंजाब से अनाज नहीं मिलेगा।
सीएम मान ने कहा कि मुझे केंद्र सरकार को समझाना आता है। कभी 'दादे की तो कभी पोते की।' जब भी केंद्र से फोन आएगा तो उन्हें भी जवाब देना आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को हो अनाज दिया जाए। कोई भी राज्य किसी भी दूसरे राज्य को सीधे अनाज बेच सकता है। ऐसे में अब पंजाब दूसरे राज्यों को उनकी जरूरत के अनुसार सीधे अनाज देने को तैयार है।
यह है चेतावनी के पीछे की वजह
पंजाब में इस सीजन बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। यही वजह थी कि पंजाब सरकार ने केंद्र से गेहूं की खरीद मानदंड़ों में राहत की मांग की थी। केंद्र ने राहत तो दी लेकिन कुछ शर्तों को भी लागू कर दिया। इन्हें शर्तों का विरोध पंजाब के सीएम भगवंत मान कर रहे हैं।
दरअसल, केंद्र ने सूखे व टूटे दानों पर 18 फीसदी तक छूट देते हुए कई शर्तें लगा दी हैं। छह फीसदी सूखे व टूटे दानों वाले गेहूं के दाम में कटौती नहीं की गई लेकिन छह से आठ फीसदी टूटे व सूखे दानों वाली फसल के दाम में 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की गई है। इसी तरह 8 से 10 फीसदी तक प्रति क्विंटल 10.62 रुपये जबकि 10-12 फीसदी तक प्रति क्विंटल 15.93 रुपये कटौती की शर्त लगा दी गई है।
12-14 फीसदी तक प्रति क्विंटल 21.25 रुपये, 14-16 फीसदी तक 26.58 रुपये और 16-18 फीसदी तक 31.87 रुपये कटौती की जाएगी। गेहूं के 10 फीसदी बदरंग दानों तक दाम में कोई कटौती नहीं की गई लेकिन 10-80 फीसदी बदरंग फसल पर प्रति क्विंटल 5.31 रुपये की कटौती होगी। अब पंजाब सरकार ने किसानों की इस कटौती की भरपाई करने का एलान कर दिया है।