{"_id":"629fafb0023b3a3bf96ccfe4","slug":"chb-chandigarh-relief-can-be-given-in-changes-inside-the-house-committee-submit-report-soon-chandigarh-news-pkl4530060152","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीड बेस्ड चेंज:घर के अंदर बदलाव में मिल सकती है राहत, जल्द रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीड बेस्ड चेंज:घर के अंदर बदलाव में मिल सकती है राहत, जल्द रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
विज्ञापन
चंडीगढ़। हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंज के तहत राहत की आस लगाए बैठे लोगों के लिए अच्छे संकेत हैं। सीएचबी की तरफ से बनाई गई नीड बेस्ड चेंज कमेटी की मंगलवार को आखिरी बैठक हुई। इसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई। कमेटी ने सेक्टर-41 के लोगों की तरफ से दिए गए छह बिंदुओं पर चर्चा की और आखिरी फैसला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर छोड़ दिया।
मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव (नीड बेस चेंज) को नियमित करने के लिए सीएचबी क्या तरीका अपनाएं, यह समाधान ढूंढने के लिए ही सीएचबी ने इस कमेटी का गठन किया है। सीएचबी के सचिव इस कमेटी के चेयरमैन हैं और आरडब्ल्यूए व अन्य हितधारकों को भी कमेटी में नामित किया गया है।
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हितेश पुरी ने बताया कि इस कमेटी की मंगलवार को आखिरी बैठक थी। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई है जिससे लोगों ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। सीएचबी की भी कोशिश है कि लोगों नीड बेस्ड चेंज के तहत फायदा मिले। बैठक में घर के अंदर के बदलावों पर चर्चा की गई। कहा कि अगर निर्माण बाउंड्री के अंदर है तो उसे मंजूर किया जाना चाहिए और इसे वन टाइम चार्जेज लेकर मंजूर किया जाना चाहिए। हालांकि इस पर टेक्निकल कमेटी ने कहा है कि वह उनकी पावर नहीं है इसलिए उनके सुझावों को रिपोर्ट के साथ लगाया गया है। पुरी ने कहा कि पहले घर के अंदर किए बदलावों के लिए भी मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अगर बोर्ड की तरफ से मंजूरी दी जाती है तो अंदर किए बदलावों के लिए मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। छोटे मकानों में कोर्टयार्ड बनाने वालों को भी को राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
सेक्टर-41 के मकानों के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
पुरी ने बताया कि सेक्टर-41 के निवासियों की तरफ से जो छह मुद्दे प्रशासन को भेजे गए थे उन सभी पर चर्चा हुई लेकिन सहमति नहीं हुई। आगे की चर्चा के लिए बोर्ड पर छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि अब कमेटी की तरफ से रिपोर्ट को फाइनल करके अगले कुछ दिनों में बोर्ड को सौंप दी जाएगी। इस पर आखिरी फैसला बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। बता दें कि कमेटी में सीएचबी के चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन के चीफ आर्किटेक्ट या उनके प्रतिनिधि, सीएचबी के आर्किटेक्ट, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (डिजाइन) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (पब्लिक हेल्थ) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इंफोर्समेंट) सीएचबी को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव (नीड बेस चेंज) को नियमित करने के लिए सीएचबी क्या तरीका अपनाएं, यह समाधान ढूंढने के लिए ही सीएचबी ने इस कमेटी का गठन किया है। सीएचबी के सचिव इस कमेटी के चेयरमैन हैं और आरडब्ल्यूए व अन्य हितधारकों को भी कमेटी में नामित किया गया है।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हितेश पुरी ने बताया कि इस कमेटी की मंगलवार को आखिरी बैठक थी। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई है जिससे लोगों ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। सीएचबी की भी कोशिश है कि लोगों नीड बेस्ड चेंज के तहत फायदा मिले। बैठक में घर के अंदर के बदलावों पर चर्चा की गई। कहा कि अगर निर्माण बाउंड्री के अंदर है तो उसे मंजूर किया जाना चाहिए और इसे वन टाइम चार्जेज लेकर मंजूर किया जाना चाहिए। हालांकि इस पर टेक्निकल कमेटी ने कहा है कि वह उनकी पावर नहीं है इसलिए उनके सुझावों को रिपोर्ट के साथ लगाया गया है। पुरी ने कहा कि पहले घर के अंदर किए बदलावों के लिए भी मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अगर बोर्ड की तरफ से मंजूरी दी जाती है तो अंदर किए बदलावों के लिए मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। छोटे मकानों में कोर्टयार्ड बनाने वालों को भी को राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
सेक्टर-41 के मकानों के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
पुरी ने बताया कि सेक्टर-41 के निवासियों की तरफ से जो छह मुद्दे प्रशासन को भेजे गए थे उन सभी पर चर्चा हुई लेकिन सहमति नहीं हुई। आगे की चर्चा के लिए बोर्ड पर छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि अब कमेटी की तरफ से रिपोर्ट को फाइनल करके अगले कुछ दिनों में बोर्ड को सौंप दी जाएगी। इस पर आखिरी फैसला बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। बता दें कि कमेटी में सीएचबी के चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन के चीफ आर्किटेक्ट या उनके प्रतिनिधि, सीएचबी के आर्किटेक्ट, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (डिजाइन) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (पब्लिक हेल्थ) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) सीएचबी, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इंफोर्समेंट) सीएचबी को शामिल किया गया है।