गर्मी का तांडव: पांचवें दिन भी पारा 40 डिग्री के पार, दिन के साथ रात भी तप रही, लू से बचाव की एडवाइजरी जारी
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं को देखते हुए सोमवार को हीटवेव (लू) से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है।
विस्तार
चंडीगढ़ में लगातार पांचवें दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहा। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 9 डिग्री ज्यादा है। खास बात यह है कि न्यूनतम तापमान बढ़ने की वजह से रात के समय में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही।
स्थिति यह है कि दिन और रात के तापमान में महज 10 डिग्री का ही अंतर रह गया है। हालांकि शाम को ट्राइसिटी में 30 से 40 किमी की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलीं। इससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन परेशानी भी बढ़ गई। सोमवार को भी सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा। दिन चढ़ने के साथ गर्मी के तेवर और तल्ख होते चले गए। गर्म हवाओं के बीच दोपहर को घर से निकलना मुश्किल हो गया। जरूरी काम से निकले लोग मुंह पर कपड़ा बांधे नजर आए। चिलचिलाती धूप व गर्मी से हर कोई बेहाल है।
चंडीगढ़ के साथ पंचकूला और मोहाली में भी आसमान से आग बरसी। मोहाली में सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री और पंचकूला में 39.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है।
मंगलवार को गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है। दिन के समय हल्के बादल छा सकते हैं, जिससे तापमान में दो डिग्री की गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग ने धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान लगाया है। हालांकि इसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी होगी। इस दौरान लू चल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव की एडवाइजरी जारी की
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं को देखते हुए सोमवार को हीटवेव (लू) से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने एडवाइजरी में कहा है कि उत्तर-पश्चिमी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के साथ चंडीगढ़ में लू की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लें ताकि स्थिति गंभीर न होने पाए।
हीट वेव या लू क्या होती है
हीट वेव अत्यधिक गर्म मौसम की अवधि है जो आमतौर पर दो या उससे अधिक दिनों तक रहती है। जब तापमान किसी दिए गए क्षेत्र के औसत से अधिक हो जाता है तो उसे हीट वेव या लू कहते हैं।
इस तरह समझें हीट वेव या लू
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जब मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो लू चलने लगती है। यदि तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो इसे खतरनाक लू की श्रेणी में रखा जाता है। तटीय क्षेत्रों में जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो जाता है तो हीट वेव चलने लगती है।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
हीट वेव या लू मानव और पशु जीवन दोनों को नुकसान पहुंचाती हैं। हीट वेव आमतौर पर शरीर में पानी की कमी, थकावट होना, कमजोरी आना, चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और पसीना होना और लू लगना या हीट स्ट्रोक में शामिल हैं। हीट वेव की वजह से मानसिक तनाव भी हो सकता है। लू लगने के लक्षणों में गर्मी से शरीर में अकड़न, सूजन बेहोशी और बुखार भी आ सकता है। यदि शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक होता है तो दौरे पड़ सकते हैं या इंसान कोमा में भी जा सकता है।
बचाव के लिए ये करें
- बाहर जाने या धूप में काम करने से बचें, खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच।
- पर्याप्त पानी पिएं और जितनी बार संभव हो, प्यास न लगने पर भी पिएं।
- हल्के, हल्के रंग के, ढीले और पतले सूती कपड़े पहनें।
- जब बाहर का तापमान अधिक हो तो बाहरी गतिविधियों से बचें।
- यात्रा के दौरान अपने साथ पानी जरूर रखें।
- शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें, जो शरीर को निर्जलित करते हैं।
- यदि आप बाहर काम करते हैं तो टोपी या छतरी का उपयोग करें और अपने सिर, गर्दन, चेहरे और अंगों पर भी एक नम कपड़े का उपयोग करें।
- पार्क किए गए वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें।
- यदि आप बेहोशी या बीमार महसूस करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- ओआरएस, घर का बना पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें जो शरीर को फिर से हाइड्रेट करने में मदद करता है।
- जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।
- अपने घर को ठंडा रखें, रात में पर्दे, शटर या सनशेड का इस्तेमाल करें और खिड़कियां खोलें।
- ठंडे पानी से बार-बार नहाएं।