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चंडीगढ़ पुलिस ने नहीं, हरियाणा पुलिस के तीन होमगार्ड कर्मियों ने दबोचा था ऑटो चालक को
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चंडीगढ़। दिल्ली से चंडीगढ़ आई महिला से दुष्कर्म के आरोपी ऑटो चालक को चंडीगढ़ पुलिस ने नहीं बल्कि हरियाणा के तीन होमगार्ड कर्मियों ने दबोचा था। आरोपी को इन्होंने ही पुलिस के हवाले किया था। इस साहसिक कार्य के लिए एसएसपी कुलदीप चहल ने मंगलवार को होमगार्ड विजय राणा, अश्विनी और कुलदीप वर्मा को पांच-पांच हजार रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एसएसपी के साथ एसपी सिटी केतन बंसल, डीएसपी चरणजीत सिंह और सेक्टर-17 थाना प्रभारी ओमप्रकाश मौजूद थे।
तीनों होमगार्डों की ड्यूटी रविवार रात सेक्टर-17 स्थित सिविल सचिवालय में थी। रविवार आधी रात उन्होंने एक महिला के रोने की आवाज सुनी तो तुरंत बाहर स्लिप रोड पर पहुंचे। आरोपी ऑटो चालक होमगार्ड कर्मियों को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन तीनों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। इसके बाद होमगार्ड विपिन ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची सेक्टर-17 थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, सोमवार को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने क्रेडिट लेने के लिए आरोपी को खुद गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस ने कहा था कि होमगार्ड कर्मियों ने पीड़ित महिला की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद आरोपी को बस स्टैंड के पास एक पार्किंग से गिरफ्तार किया था, लेकिन हकीकत पता चलने पर मंगलवार को एसएसपी ने तीनों होमगार्ड कर्मियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
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ये है मामला
रविवार को दिल्ली से एक महिला चंडीगढ़ अपने जानकार से मिलने आई थी। जानकार के न मिलने पर वह वापस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची। कोई ट्रेन न होने के चलते उसने सेक्टर-17 बस अड्डे के लिए ऑटो ले लिया। महिला को अकेला देख ऑटो चालक उसे सेक्टर-17 स्थित सिविल सचिवालय के पीछे सुनसान सड़क पर ले गया और ऑटो में ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उसने महिला को बुरी तरह से पीटा भी। महिला के रोने की आवाज सुनकर सिविल सचिवालय में तैनात तीनोें होमगार्ड मौके पर पहुंचे और महिला को ऑटो चालक के चंगुल से छुड़ाकर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान दड़वा निवासी जगदेव उर्फ उपेंद्र (27) के रूप में हुई, जिसे सोमवार को जिला अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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तीनों होमगार्डों की ड्यूटी रविवार रात सेक्टर-17 स्थित सिविल सचिवालय में थी। रविवार आधी रात उन्होंने एक महिला के रोने की आवाज सुनी तो तुरंत बाहर स्लिप रोड पर पहुंचे। आरोपी ऑटो चालक होमगार्ड कर्मियों को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन तीनों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। इसके बाद होमगार्ड विपिन ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची सेक्टर-17 थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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वहीं, सोमवार को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने क्रेडिट लेने के लिए आरोपी को खुद गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस ने कहा था कि होमगार्ड कर्मियों ने पीड़ित महिला की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद आरोपी को बस स्टैंड के पास एक पार्किंग से गिरफ्तार किया था, लेकिन हकीकत पता चलने पर मंगलवार को एसएसपी ने तीनों होमगार्ड कर्मियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
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ये है मामला
रविवार को दिल्ली से एक महिला चंडीगढ़ अपने जानकार से मिलने आई थी। जानकार के न मिलने पर वह वापस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची। कोई ट्रेन न होने के चलते उसने सेक्टर-17 बस अड्डे के लिए ऑटो ले लिया। महिला को अकेला देख ऑटो चालक उसे सेक्टर-17 स्थित सिविल सचिवालय के पीछे सुनसान सड़क पर ले गया और ऑटो में ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उसने महिला को बुरी तरह से पीटा भी। महिला के रोने की आवाज सुनकर सिविल सचिवालय में तैनात तीनोें होमगार्ड मौके पर पहुंचे और महिला को ऑटो चालक के चंगुल से छुड़ाकर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान दड़वा निवासी जगदेव उर्फ उपेंद्र (27) के रूप में हुई, जिसे सोमवार को जिला अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।