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बेड की कमी, पीजीआई इंफोसिस सराय को बनाया जाएगा कोविड अस्पताल
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चंडीगढ़। शहर में कोरोना के मरीजों के लिए बेड की कमी होने लगी है। यूटी प्रशासक ने पीजीआई को आदेश दिया है कि इंफोसिस सराय में कोविड अस्पताल शुरू किया जाए। कोविड से लड़ने के लिए प्रशासन सेवानिवृत्त डॉक्टरों की मदद लेगा। ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए तीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की तैयारी है।
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कोरोना की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बदनौर ने सभी अस्पतालों को बेड की संख्या में इजाफा करने, दवाओं का स्टॉक रखने और उपकरणों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीजीआई से कुछ टेक्निकल स्वास्थ्यकर्मियों को जीएमसीएच-32 और जीएमएचएस-16 में तुरंत भेजा जाए। यहां फिलहाल टेक्निकल स्टाफ की भारी कमी है। प्रशासक ने सेवानिवृत्त डॉक्टरों, आईएमए को भी इस वक्त में आगे आने की अपील की, ताकि कोरोना पर काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए इन्हें अनुबंध पर रखा जा सकता है। इसके अलावा चंडीगढ़ कमांड अस्पताल ने आवश्यक होने पर कोरोना उपचार और अन्य चिकित्सा देखभाल के लिए बुजुर्गों को सुविधाएं देने की पेशकश की है। बदनौर ने कहा कि इस सुविधा का लाभ पूर्व सैनिकों को लेना चाहिए।
जिन्हें पहली खुराक लगी, वे तेजी से हो रहे संक्रमित : पीजीआई
बैठक में पीजीआई के डॉ. विपिन कौशल ने बताया कि इस वक्त नेहरू एक्सटेंशन में 244 कोविड मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 90 चंडीगढ़, 82 पंजाब, 42 हरियाणा, 18 हिमाचल प्रदेश और 12 अन्य राज्यों से हैं। पॉजिटिविटी रेट 21 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि पीजीआई क्रिटिकल मेडिसन जैसे रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब का अतिरिक्त स्टॉक जुटा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को कोरोना टीके की पहली खुराक लगी है, उन्हें बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमण हो रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले को उच्च स्तर पर देखने और इसका निदान ढूंढने की सलाह दी है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि एक दो दिन में तीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए जाएंगे, ताकि शहर में ऑक्सीजन की कमी न हो। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में 59 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों और 67 प्रतिशत अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने टीका लगवा लिया है।
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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कोरोना की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बदनौर ने सभी अस्पतालों को बेड की संख्या में इजाफा करने, दवाओं का स्टॉक रखने और उपकरणों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीजीआई से कुछ टेक्निकल स्वास्थ्यकर्मियों को जीएमसीएच-32 और जीएमएचएस-16 में तुरंत भेजा जाए। यहां फिलहाल टेक्निकल स्टाफ की भारी कमी है। प्रशासक ने सेवानिवृत्त डॉक्टरों, आईएमए को भी इस वक्त में आगे आने की अपील की, ताकि कोरोना पर काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए इन्हें अनुबंध पर रखा जा सकता है। इसके अलावा चंडीगढ़ कमांड अस्पताल ने आवश्यक होने पर कोरोना उपचार और अन्य चिकित्सा देखभाल के लिए बुजुर्गों को सुविधाएं देने की पेशकश की है। बदनौर ने कहा कि इस सुविधा का लाभ पूर्व सैनिकों को लेना चाहिए।
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जिन्हें पहली खुराक लगी, वे तेजी से हो रहे संक्रमित : पीजीआई
बैठक में पीजीआई के डॉ. विपिन कौशल ने बताया कि इस वक्त नेहरू एक्सटेंशन में 244 कोविड मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 90 चंडीगढ़, 82 पंजाब, 42 हरियाणा, 18 हिमाचल प्रदेश और 12 अन्य राज्यों से हैं। पॉजिटिविटी रेट 21 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि पीजीआई क्रिटिकल मेडिसन जैसे रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब का अतिरिक्त स्टॉक जुटा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को कोरोना टीके की पहली खुराक लगी है, उन्हें बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमण हो रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले को उच्च स्तर पर देखने और इसका निदान ढूंढने की सलाह दी है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि एक दो दिन में तीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए जाएंगे, ताकि शहर में ऑक्सीजन की कमी न हो। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में 59 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों और 67 प्रतिशत अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने टीका लगवा लिया है।
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