{"_id":"633c8eab564e2851751dbbeb","slug":"chandigarh-administration-increased-da-of-employees-by-four-percent","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: छह महीने में दूसरी बार कर्मचारियों को तोहफा, प्रशासन ने चार फीसदी DA बढ़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: छह महीने में दूसरी बार कर्मचारियों को तोहफा, प्रशासन ने चार फीसदी DA बढ़ाया
Wed, 05 Oct 2022 01:23 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 05 Oct 2022 01:23 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से डेढ़ साल तक महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को रोक रखा था। जुलाई 2021 में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यूटी प्रशासन ने महंगाई भत्ता बढ़ाया था। दरअसल, महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा है। यह कर्मचारी के मूल वेतन का एक निश्चित फीसदी होता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासन ने डीए यानी महंगाई भत्ते को चार फीसदी बढ़ाकर अपने कर्मचारियों को दीवाली का तोहफा दिया है। प्रशासन ने छह महीने में दूसरी बार डीए को बढ़ाया है। इससे हजारों कर्मचारियों को लाभ होगा। मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 34 फीसदी से 38 फीसदी किया गया है।
विज्ञापन
बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2022 से लागू होंगी। इससे पहले 13 मई को प्रशासन ने 31 फीसदी से 34 फीसदी डीए किया था। प्रशासन के इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर है। डेपुटेशन पर चंडीगढ़ में काम कर रहे कर्मचारियों का भी महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है। प्रशासन के वित्त विभाग की तरफ से प्रशासन के सभी विभागों के प्रमुखों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि डीए को समय समय पर बढ़ाया जाता है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलता है। महंगाई भत्ते की गणना के लिए सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर को आधार मानती है और इसके आधार पर सरकारी कर्मचारियों का डीए संशोधित किया जाता है।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से प्रशासन ने डेढ़ साल तक डीए पर लगा रखी थी रोक
केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से डेढ़ साल तक महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को रोक रखा था। जुलाई 2021 में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यूटी प्रशासन ने महंगाई भत्ता बढ़ाया था। दरअसल, महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा है। यह कर्मचारी के मूल वेतन का एक निश्चित फीसदी होता है। देश में महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान करती है।