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पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा केंद्र : अरोड़ा
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ में सलाहकार की जगह मुख्य सचिव लगाने के मुद्दे पर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की। आप नेताओं ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यह मामला भी पंजाब के साथ भेदभाव को दर्शाता है।
आप प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरभजन सिंह ईटीओ, हरदीप सिंह मुंडियां और बरिंदर गोयल एवं आप नेता डॉ सनी आहलूवालिया, दीपक बाली, नील गर्ग गोविंदर मित्तल, परमिंदर गोल्डी और फैरी सोफत शामिल थे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद अमन अरोड़ा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सलाहकार की जगह मुख्य सचिव का पद केंद्र का पंजाब विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। आम आदमी पार्टी इसका सख्त विरोध करती है। यह फैसला चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश है। हम इसे किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे।
अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ पर ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक सभी तरह से पंजाब का ही हक है। चंडीगढ़ को पंजाब के 27 गांवों उजाड़ कर बनाया गया था। राज्य के बंटवारे के समय भी कहा गया था कि संघीय क्षेत्र का स्टेटस अस्थायी है। राजीव गांधी लोगोंवाल समझौते में भी कहा गया था कि पांच साल में चंडीगढ़ पंजाब को सौंप दिया जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं सौंपा गया। आप नेता ने सवाल उठाया कि यह समझ से परे है कि केंद्र की भाजपा सरकार पंजाब के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की भी आलोचना की और कहा कि केंद्र में दोनों पार्टियों की सरकार रही, लेकिन उन्होंने चंडीगढ़ पंजाब को वापस देने के लिए कुछ नहीं किया बल्कि उल्टे पंजाब का अधिकार छीनने की कोशिश की। अरोड़ा ने कहा कि गवर्नर ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय तक उनकी और तीन करोड़ पंजाबियों की आवाज पहुंचाएंगे।
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आप प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरभजन सिंह ईटीओ, हरदीप सिंह मुंडियां और बरिंदर गोयल एवं आप नेता डॉ सनी आहलूवालिया, दीपक बाली, नील गर्ग गोविंदर मित्तल, परमिंदर गोल्डी और फैरी सोफत शामिल थे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद अमन अरोड़ा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सलाहकार की जगह मुख्य सचिव का पद केंद्र का पंजाब विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। आम आदमी पार्टी इसका सख्त विरोध करती है। यह फैसला चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश है। हम इसे किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे।
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अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ पर ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक सभी तरह से पंजाब का ही हक है। चंडीगढ़ को पंजाब के 27 गांवों उजाड़ कर बनाया गया था। राज्य के बंटवारे के समय भी कहा गया था कि संघीय क्षेत्र का स्टेटस अस्थायी है। राजीव गांधी लोगोंवाल समझौते में भी कहा गया था कि पांच साल में चंडीगढ़ पंजाब को सौंप दिया जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं सौंपा गया। आप नेता ने सवाल उठाया कि यह समझ से परे है कि केंद्र की भाजपा सरकार पंजाब के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की भी आलोचना की और कहा कि केंद्र में दोनों पार्टियों की सरकार रही, लेकिन उन्होंने चंडीगढ़ पंजाब को वापस देने के लिए कुछ नहीं किया बल्कि उल्टे पंजाब का अधिकार छीनने की कोशिश की। अरोड़ा ने कहा कि गवर्नर ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय तक उनकी और तीन करोड़ पंजाबियों की आवाज पहुंचाएंगे।

-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ
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