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पराली जलाने के आरोप में मोगा में 10 और किसानों पर केस दर्ज
Sun, 01 Dec 2019 02:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, मोगा
अमर उजाला ब्यूरो, मोगा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 01 Dec 2019 02:31 AM IST
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पराली जलाई
- फोटो : अमर उजाला
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खेत में पराली जलाने के आरोप में थाना सदर पुलिस ने 10 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया है। नामजद किए किसानों में सुखदेव सिंह, गुरदेव सिंह, बलविंदर सिंह, स्वर्ण सिंह वासी गांव कोरेवाला कलां, हरबंस सिंह वासी कोरेवाला खुर्द, तेज सिंह वासी मंगेवाला, गुरचरन सिंह, हरबंस लाल वासी कालिएवाला, अजमेर सिंह और रजिंदर सिंह वासी गांव सोसन शामिल हैं।
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इन पर आरोप है कि किसानों ने सुप्रीम कोर्ट व डिप्टी कमिश्नर के आदेशों का उल्लंघन करते हुए खेतों में पराली को आग लगाई है। किसानों के खिलाफ केस धारा 188 के अधीन केस दर्ज करने के साथ साथ जिला कृषि विभाग की ओर से किसानों के खेतों की जमाबंदी पर रेड एंट्री कर दी गई है।
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जानकारी देते हुए जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. जसविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि अभी तक जिले भर में पराली जलाने के आरोप में 600 किसानों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं, जबकि 1200 किसानों को 16 लाख का जुर्माना व 1450 किसानों के खेत की जमाबंदी में रेड एंट्री दर्ज कराई जा चुकी है।
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अब ये किसान किसी भी बैंक से जमीन पर न तो लोन ले सकेंगे अथवा न ही जमाबंदी पर किसी प्रकार की सरकारी सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट व सरकार की लाख सख्ती के बावजूद इस बार पंजाब में पिछले साल से ज्यादा पराली को आग लगाई गई है। किसानों को जुर्माना करने समेत केस दर्ज करके भी प्रशासन किसानों को पराली जलाने से रोक नहीं पाया।
यहां जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. जसविंदर सिंबह बराड़ ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से पराली जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान लाना होगा, तभी जाकर पराली जलाने के मामलों पर नकेल कसी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस समय पराली जलाना अपराध जमानत योग्य है, और यही कारण है कि किसान बिना किसी खौफ के खेतों में पराली को आग लगा रहें हैं।