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एजेंटों का खेल: 700 भारतीय छात्रों को वापस भेजेगा कनाडा, 20-20 लाख रुपये खर्च कर पहुंचे, अब खतरे में भविष्य
Wed, 15 Mar 2023 09:18 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 15 Mar 2023 09:18 PM IST
सार
अब कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीएसए) ने 700 विद्यार्थियों को पत्र जारी कर कहा है कि उन्हें भारत वापस जाना होगा। इन जालसाजों में एक जालंधर का एजेंट बृजेश मिश्रा भी है, जो कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गया है।
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विस्तार
कनाडा में पढ़ाई करने गए पंजाब के 700 विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कनाडा सरकार इन्हें डिपोर्ट करने जा रही है। इन्हें जालसाज एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कनाडा पहुंचा दिया था। उनके वीजा आवेदन में कॉलेज के फर्जी दाखिला पत्र (ऑफर लेटर) लगाए गए थे। एजेंटों ने कई विद्यार्थियों को फर्जी दाखिला पत्र उपलब्ध करवा कर कनाडा के कॉलेजों में दाखिला दिलवा दिया था।
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अब कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीएसए) ने 700 विद्यार्थियों को पत्र जारी कर कहा है कि उन्हें भारत वापस जाना होगा। इन जालसाजों में एक जालंधर का एजेंट बृजेश मिश्रा भी है, जो कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गया है। विद्यार्थियों ने एजुकेशन माइग्रेशन सर्विस सेंटर के जरिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन किया था। हंबर कॉलेज में प्रवेश के लिए हर विद्यार्थी से 16 से 20 लाख रुपये लिए गए थे। हवाई टिकट और सुरक्षा खर्च अलग से था।
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ऐसे फंसाया: 'फीस आफ्टर वीजा' का विज्ञापन
एजेंटों ने 'पे फीस आफ्टर वीजा' के विज्ञापन देकर विद्यार्थियों को अपने जाल में फंसाया। एक विद्यार्थी का कनाडा जाने में करीब 20 लाख रुपये खर्च आता है। छात्र इस झांसे में आ गए कि उनको पैसा वीजा के बाद देना है। एजेंटों ने अपनी जेब से फीस व जीआईसी खाते में पैसा जमा करवाने के स्थान पर बैंक की फर्जी जीआईसी व कॉलेज के फर्जी ऑफर लेटर तैयार कर वीजा आवेदन कर दिया। विद्यार्थी वीजा लेकर कनाडा जा पहुंचे तो कॉलेज में उनका नाम तक नहीं था। जाने से पहले वह एजेटों को 20-20 लाख रुपये देकर गए थे।
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ऐसे पकड़े गए: सीबीएसए की जांच में फर्जी निकले दाखिला पत्र
विद्यार्थियों ने अन्य कॉलेजों में जाकर पढ़ाई पूरी की। वर्क एक्सपीरियंस हासिल कर पीआर के लिए आवेदन किया। पीआर के समय जब कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीएसए) ने उनके दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि दाखिला पत्र फर्जी थे। इसलिए इन सभी विद्यार्थियों को डिपोर्ट करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। विद्यार्थियों ने जालंधर के कार्यालय में संपर्क किया तो एजेंट के दफ्तर में ताला लगा मिला। बताया जा रहा है कि एजेंट भाग गया है। डीसीपी जगमोहन सिंह का कहना है कि अभी कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत के बाद जांच की जाएगी।