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जल परियोजनाओं पर फोकस : हथिनी कुंड बैराज के ऊपरी क्षेत्र में बनेगा बांध, एसवाईएल नहर के लिए 100 करोड़ का बजट
Fri, 12 Mar 2021 08:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 12 Mar 2021 08:38 PM IST
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हथिनी कुंड बैराज।
- फोटो : फाइल फोटो।
पोंटा साहिब से कलेसर तक यमुना नदी के प्रवाह क्षेत्र पर हथिनी कुंड बैराज की अपस्ट्रीम (ऊपरी क्षेत्र) में एक बांध बनाने का प्रस्ताव है। यह बांध पहले ही प्रस्तावित तीन अपस्ट्रीम स्टोरेज बांधों, रेणुका बांध, किशाऊ बांध और लखवाड़-व्यासी बांधों से बचे लगभग 23.43 प्रतिशत कैचमेंट एरिया में उत्पन्न बाढ़ के पानी का भंडारण करेगा।
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इसकी प्राथमिक रिपोर्ट आने वाले वित्त वर्ष में तैयार की जाएगी, ताकि इसके निर्माण के लिए साझेदार राज्यों और केंद्रीय जल आयोग से सैद्धांतिक अनुमति ली जा सके। वहीं, यमुना और घग्घर नदी में अपशिष्ट जल का प्रवाह रोका जाएगा और इस पानी को इस्तेमाल के लिए रिसाइकिल करने की योजना है।
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यमुना के पानी का होगा सिंचाई में इस्तेमाल
यमुना नदी में मानसून के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त पानी का उपयोग सिंचाई के लिए करने को समानांतर दिल्ली शाखा, आवर्धन नहर, जवाहर लाल नेहरू कैनाल, हांसी शाखा के पुनरुद्धार की परियोजनाएं नाबार्ड से स्वीकृत कराई गई हैं। इन परियोजनाओं पर आगामी वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में शुरू होने की संभावना जताई है। इसके अलावा, भालौठ शाखा के पुनरुद्धार की एक परियोजना नाबार्ड को भेजी गई है।
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प्रदेश के डार्क जोन में भूजल को रिचार्ज करने के लिए 1000 रिचार्ज बोरवेल के निर्माण की योजना स्वीकृति प्रदान की गई है, इससे 8 हजार एकड़ भूमि में सुधार होने की संभावना है। रिचार्ज वैल का कार्य सितंबर, 2021 के अंत तक पूरा हो जाएगा।
एसवाईएल नहर निर्माण के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
मेवात क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने 100 क्यूसेक की मेवात फीडर नहर का निर्माण करने का निर्णय लिया है। यह नहर बादली के निकट गुरुग्राम जल आपूर्ति से पाइप्ड चैनल के रूप में निकाली जाएगी और केएमपी एक्सप्रेस वे के साथ-साथ गुरुग्राम चैनल तक जाएगी। वहीं, एसवाईएल नहर के लिए सरकार ने इस बार भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट में सीएम ने कहा कि रावी-ब्यास नदियों के पानी का प्रदेश का न्यायोचित हिस्सा प्राप्त करने और एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए ठोस कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।