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एसआईटी ने भी माना, फादर एंथनी से बरामद रकम में हुई थी हेराफेरी, गायब हुए हैं साढ़े छह करोड़

Mon, 08 Apr 2019 01:17 PM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 08 Apr 2019 01:17 PM IST
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Billions of Cash Recovery from Bishop Anthony in Khanna of Punjab, SIT Enquiry
कैश बरामद - फोटो : amar ujala
फादर एंथनी के यहां से बरामद हुए रुपयों में साढ़े छह करोड़ की हेराफेरी की गई थी। यह बात एसआईटी की प्राथमिक जांच में सामने आई है। जांच टीम अब इस बात पर फोकस कर रही है कि इन पैसों की बंदरबांट कैसे हुई और इसमें कौन-कौन हिस्सेदार बना।
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हालांकि एसआईटी चीफ प्रवीण कुमार सिन्हा ने जांच की बात कहकर इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया, लेकिन पुख्ता सूत्रों के मुताबिक यह बात सामने आ चुकी है कि पैसा गायब हुआ था। जो पैसा गायब हुआ, वह उस दूसरे बॉक्स से निकाला गया, जिसको पुलिस अधिकारी और मुलाजिम अनाथालय में बनी कोठी के ऊपरी फ्लोर से लेकर आए थे। बॉक्स में से दो-दो हजार के नोट गायब थे, जो करीब 6.5 करोड़ बनते थे।
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सूत्रों के मुताबिक, खन्ना पुलिस प्रतापपुरा में फादर एंथनी के यहां से दो बड़े बॉक्स लेकर गई थी, जिसमें एक बॉक्स से 70 फीसदी राशि गायब पाई गई है। दरअसल, फादर एंथनी ने एसआईटी की जांच में शामिल होकर बताया था कि जिस दिन खन्ना पुलिस ने छापेमारी की, उससे दो दिन पहले उनके पास 26 करोड़ की राशि थी, जिसमें से अगले दिन 10 करोड़ की राशि बैंक में जमा करवा दी गई थी।
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एसआईटी को फादर एंथनी ने वह दस्तावेज भी दिखा दिए, जिसमें छापेमारी से दो दिन पहले का पूरा लेखा-जोखा लिखा हुआ था। फादर ने बैंक में जमा करवाने की रसीदें भी जांच कमेटी को सौंप दी थी। फादर ने कहा कि इस तरह से उनके पास करीब 16 करोड़ की राशि बची थी, लेकिन सीआईटी स्टाफ के पास से करीब 6.5 करोड़ की राशि कम पहुंची है। ये कैसे हुआ, मुझे नहीं पता।

बैंक कर्मियों को भी 70 फीसदी राशि कम मिली

सूत्रों के मुताबिक, खन्ना पुलिस प्रतापपुरा में फादर एंथनी के यहां से दो बड़े बॉक्स लेकर गई थी, जिसमें एक बॉक्स से 70 फीसदी राशि गायब पाई गई है। दरअसल, फादर एंथनी ने एसआईटी की जांच में शामिल होकर बताया था कि जिस दिन खन्ना पुलिस ने छापेमारी की, उससे दो दिन पहले उनके पास 26 करोड़ की राशि थी, जिसमें से अगले दिन 10 करोड़ की राशि बैंक में जमा करवा दी गई थी।

एसआईटी को फादर एंथनी ने वह दस्तावेज भी दिखा दिए, जिसमें छापेमारी से दो दिन पहले का पूरा लेखा-जोखा लिखा हुआ था। फादर ने बैंक में जमा करवाने की रसीदें भी जांच कमेटी को सौंप दी थी। फादर ने कहा कि इस तरह से उनके पास करीब 16 करोड़ की राशि बची थी, लेकिन सीआईटी स्टाफ के पास से करीब 6.5 करोड़ की राशि कम पहुंची है। ये कैसे हुआ, मुझे नहीं पता।

 

फादर एंथनी ने लगाए आरोप, बड़ा दावा किया

जिस समय छापामारी हुई थी, मौके पर पुलिस के अलावा दो बैंक मुलाजिम भी थे। फादर एंथनी के अलावा उन दो बैंक मुलाजिमों ने भी सबूत दिए कि उन्होंने पहले फ्लोर पर बैठकर जो रकम गिनकर रखी थी, वह कागजातों में दिखाई गई राशि से 70 फीसदी कम थी। बैंक मुलाजिमों ने जो कागजात लिख रखे थे, उनको दिखाया गया है।

टीम की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आने के बाद अब इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि पैसे का गबन रास्ते में हुआ या सीआईए स्टाफ जाकर इसमें गड़बड़ी हुई। इसमें कौन-कौन जिम्मेदार है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही एसआईटी इस पूरे प्रकरण से पर्दा उठा सकती है।

जालंधर के प्रतापपुरा में रहने वाले फादर एंथनी ने रविवार को पत्रकार वार्ता करके खन्ना पुलिस पर आरोप लगाया था कि खन्ना पुलिस, आईटी और ईडी ने उनके घर पर संयुक्त रेड करके 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि रिकवर की थी। पुलिस ने रिकवरी 9.66 करोड़ रुपये ही दिखाई। एंथनी ने 6.34 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम गायब करने के आरोप लगाए थे

। एंथनी ने यह भी दावा था किया कि उनके घर से मिली राशि हवाला की नहीं, बल्कि यह उनकी पार्टरनशिप वाली फर्म सहोदया की बिकी किताबों और स्टेशनरी से इकट्ठा हुई रकम है।
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