ASI का हाथ काटने वाले दूसरे राज्यों से लाकर पंजाब में बेचते थे नशा, तीन हिमायती गिरफ्तार
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पटियाला की सन्नौर सब्जी मंडी के बाहर रविवार (12 अप्रैल) सुबह कर्फ्यू पास मांगने पर पुलिस कर्मचारियों पर जानलेवा व बाद में गुरुद्वारे में छिपकर फायरिंग करने के सभी 11 आरोपियों को सोमवार को पटियाला में ड्यूटी मजिस्ट्रेट इंदू बाला की कोर्ट में पेश किया गया।
अदालत ने जिन्हें 11 दिनों के रिमांड पर भेजा दिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली गोलियां व अन्य नशा लाकर पंजाब में बेचते थे। हथियार भी आरोपी बाहरी राज्यों से ही खरीद कर लाए थे।
डीएसपी समाना जसवंत सिंह मांगट ने बताया कि 11 आरोपी डेरा प्रमुख बलविंदर सिंह, निरभै सिंह, बंत सिंह काला, जगमीत सिंह, गुरदीप सिंह, नंना, जंगीर सिंह, मनिंदर सिंह, जसवंत सिंह, दर्शन सिंह, सुखप्रीत कौर को पुलिस ने रविवार को काबू किया था। इन सभी का अदालत से 24 अप्रैल तक का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
अब तक कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कर्नाटक व अन्य कई राज्यों से नशे लाकर पंजाब में बेच रहे थे। पिछले काफी समय से आरोपी इस नशे के कारोबार में लगे थे। आगे की पूछताछ में आरोपियों से पता लगाया जाएगा कि बरामद 39 लाख रुपये क्या नशे के कारोबार से बनाए थे, या कोई अन्य आपराधिक गतिविधियों को भी वह अंजाम देते थे। आरोपियों से नशे के सप्लायरों के बारे पता लगाया जाएगा। साथ ही आरोपियों से और भी रिकवरी होने की संभावना है।
ईडी और इनकम टैक्स विभाग भी करेंगे जांच
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि पुलिस की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इनकम टैक्स विभाग को भी मामले में जांच को लिखा गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपियों से बरामद 39 लाख रुपये कहां से आए।
अकाली नेता की ओर से लगाए आरोप की जांच होगी
एक अकाली नेता ने आरोप लगाए हैं कि आरोपी निंहग सिंहों की ओर से जो टाटा इसजू गाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह एक कांग्रेसी ब्लाक समिति सदस्य के पिता के नाम रजिस्टर है। इस बारे में जब डीएसपी समाना जसवंत सिंह मांगट से पूछा तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी जांच होगी, तभी वह कुछ कह सकेंगे।
हमलावर निहंगों की हिमायत करने वाले तीन गिरफ्तार
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि भुपिंदर सिंह पुत्र स्व. जीत सिंह निवासी मॉडल टाउन होशियारपुर, दविंदर सिंह पुत्र हरबंस सिंह निवासी सिविल लाइन बटाला और कुलजीत सिंह भुल्लर पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी मलोट शहर जिला मुक्तसर साहिब, को सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेशों से सांप्रदायिक अशांति भड़काते हुए पाया गया।
तीनों के विरुद्ध आईपीसी 1860 की धारा 115, 153-ए, 188, 269, 270, 271 और 505 (2), महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 3 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। डीजीपी ने कहा कि यह व्यक्ति सोशल मीडिया पोस्टों के जरिये नफरत भरे प्रचार में शामिल हैं।
गुप्ता ने कहा कि भुपिंदर सिंह ने अपनी भड़काऊ इंटरव्यू ‘अपना सांझा पंजाब फेसबुक टीवी चैनल’ को पोस्ट किया था, जिसमें उसने निहंगों की कार्रवाई के पक्ष लेते हुए उनका बचाव किया था, लेकिन बाद में इस इंटरव्यू को हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस फेसबुक चैनल के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कानूनी विकल्प खोज कर रही है।
गुप्ता ने कहा कि भुल्लर और दविंदर ने भी फेसबुक पर भडक़ाऊ और भद्दे बयान दिए थे, निहंगों के हमले की प्रशंसा की और निहंगों को ऐसे और हमले करने के लिए आगे आने के लिए उकसाया। पुलिस या समाज के किसी भी और वर्ग के विरुद्ध नफरत भड़काने और हिंसा फैलाने वालों के विरुद्ध तुरंत और सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डीजीपी ने कहा कि किसी को भी किसी कीमत पर राज्य में नफरत फैलाने या कानून व्यवस्था को भंग करने की आज्ञा नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण पैदा हुई स्थिति में पूरी पुलिस फोर्स दिन-रात कर्फ्यू लागू करने और जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने में लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्फ्यू की पाबंदियों की किसी भी किस्म से उल्लंघन या राज्य में अशांति का माहौल पैदा करने की कोशिशें करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पुलिस ने अमृतसर के एक सुधीर सूरी और पटियाला के आकाश दीप को उनके सांप्रदायिक और भड़काऊ बयानों एवं पोस्टों के लिए गिरफ्तार किया था।