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जालंधर सिविल अस्पताल का कारनामा, हार्ट अटैक से बताई मौत, अंतिम संस्कार के बाद खुला राज

Sun, 07 Jun 2020 12:18 PM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 07 Jun 2020 12:18 PM IST
सार

  • सिविल अस्पताल का नया कारनामा, कोरोना से दसवें मरीज की मौत छुपाई
  • संस्कार तक में नहीं बरती एहतियात, अब पूरे जालंधर में फैली दहशत

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Big negligence of Jalandhar Civil Hospital, Coronavirus new cases in Jalandhar
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालंधर सिविल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से नया संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार देर रात नीरत तिवारी की मौत को हार्ट अटैक बताकर सिविल अस्पताल प्रशासन ने न केवल उसके शव को परिवार को सौंप दिया बल्कि डब्लयूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक अंतिम संस्कार में प्रोटॉकाल का पालन नहीं किया गया। 

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स्वास्थ्य विभाग ने जालंधर में मौत की संख्या भी नौ बताई और दसवीं मौत पर लीपापोती कर डाली। हालात यह हैं कि नीरज तिवारी का संस्कार माडल हाउस श्मशान घाट में किया गया और अगले दिन परिवार के सैंपल लिए गए तो चार सदस्य संक्रमित मिले। 
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स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. टीपी सिंह मानते हैं कि नीरज की मौत के बाद सैंपल नहीं लिए गए थे और न ही प्रोटॉकाल के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार की देर रात नीरज तिवारी की हालत बिगड़ी तो एंबुलेंस से जालंधर के सरकारी कोरोना अस्पताल लाया गया। 

किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो एंबुलेंस ईएसआई अस्पताल चली गई। वहां पर नीरज तिवारी की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के पास जानकारी थी कि नीरज के फेफड़ों में समस्या थी और वह न्यूमोनिया का इलाज करवा रहे थे। लेकिन विभाग ने इस पर पूरी लीपापोती जारी रखी, क्योंकि शुक्रवार को जालंधर में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अनुराग अग्रवाल को दौरा करना था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने मौत के बाद नीरज तिवारी के सैंपल नहीं लिए और एंबुलेंस से शव को घर भेज दिया। कोरोना सेंटर में नीरज तिवारी की इंट्री भी नहीं की गई। कहा यह गया कि उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक है।

अंतिम संस्कार में शामिल हुए काफी लोग

शुक्रवार को नीरज तिवारी का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें काफी लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद लोगों ने शोर मचाया कि उसकी मौत कोरोना के कारण हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के सैंपल लिए तो चार सदस्य संक्रमित मिले। लापरवाही देखिए कि तिवारी का इलाज जिस निजी अस्पताल या चिकित्सक से चल रहा था, उसने भी इस बारे स्वास्थ्य विभाग को सूचित नहीं किया।

कांग्रेस नेता गया था नीरज के घर 
जानकारी के अनुसार एक कांग्रेसी नेता ने भी पिछले दिनों नीरज तिवारी के घर गए थे। वह कांग्रेसी नेता हाल ही में कोरोना संक्रमित पाया गया है। लेकिन उसने अपनी सूची में नीरज तिवारी का नाम नहीं दिया था। जब नीरज की मौत हो गई तो सामने आया कि वह कोरोना से संक्रमित था।

हमें तो स्वास्थ्य विभाग ने बताया, हार्ट अटैक से हुई मौत: बहन
नीरज की बहन भी कोरोना संक्रमित मिली है। उनका कहना है कि नीरज काफी बीमार चल रहा था और गुरुवार को उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, तब उसे अस्पताल ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। हमें तो स्वास्थ्य विभाग ने यही कहा कि नीरज की मौत हार्ट अटैक से हुई है। बहरहाल, पूरे माडल हाउस इलाके में दहशत है। डॉ. टीपी सिंह कहते हैं कि नीरज की मौत कैसे हुई है, हम इस पर मोहर नहीं लगा सकते, क्योंकि उसके सैंपल लिए ही नहीं गए थे। आशंका जरूर है कि मौत कोरोना से हुई है।

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