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‘मोम की गुड़िया’ के हीरो रवि चोपड़ा जूझ रहे कैंसर से, आर्थिक हलात खराब, सोनू सूद से मांगी मदद
Sat, 06 Jun 2020 12:24 PM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, जीरकपुर
दीपक शाही, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 06 Jun 2020 12:24 PM IST
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हीरो रवि चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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हाल तो पूछती नहीं दुनिया जिंदा लोगों का, चले आते हैं जनाजे पर बरात की तरह... यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि फिल्म ‘मोम की गुड़िया’ के मुख्य अभिनेता रवि चोपड़ा के दिल की आवाज है, जिसे उन्होंने अपनी लड़खड़ाती आवाज और दर्द के साथ अमर उजाला से साझा किया।
हीरो रवि चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
70 वर्षीय यह गुमनाम अभिनेता उम्र के इस पड़ाव पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। खराब आर्थिक स्थिति के चलते इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उनकी आंखों में आंसू और मन में कई सवाल हैं। इस बुजुर्ग अभिनेता ने मुश्किल की इस घड़ी में बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र, अक्षय कुमार और सोनू सूद से मदद की गुहार लगाई है। लड़खड़ाती जुबान में रवि चोपड़ा ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में हर रोज कोई कलाकार शोहरत की बुलंदियों पर होता है तो कोई दाने-दाने तक के लिए मोहताज हो जाता है। यही हाल आज मेरा है। मैं आज अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा हूं। शरीर साथ देता तो कहीं नौकरी ही कर लेता, लेकिन बीमारी की इस हालत में दो वक्त की रोटी के लिए भी कभी गुरुद्वारे तो कभी मंदिर में लगने वाले लंगर पर निर्भर हूं।
हीरो रवि चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
जीरकपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए अपने जानकार के साथ आए इस अभिनेता ने अमर उजाला से बातचीत में अपना दर्द बयां किया। मूलरूप से पंजाब के मालेरकोटला के रहने वाले रवि चोपड़ा का असली नाम अब्दुल जब्बार खान है और वह इन दिनों पंचकूला के सेक्टर-26 में रह रहे हैं। उन्होंने खासकर अभिनेता सोनू सूद से मदद की अपील करते हुए कहा है कि वह इस समय प्रवासियों की काफी मदद कर रहे हैं। पंजाब का नाम रोशन कर रहे हैं। मेरे ऐसे हाल में इन अभिनेताओं को मेरी भी मदद करनी चाहिए, क्योंकि यह तीनों अभिनेता मेरे प्रदेश पंजाब के हैं। रवि चोपड़ा उर्फ अब्दुल जब्बार खान ने बताया कि अभिनेत्री तनुजा के साथ फिल्म ‘मोम की गुड़िया’ करने के बाद उनके पास करीब 10 फिल्मों के ऑफर आए। मना करने के बाद उनमें से तीन फिल्में लोफर, आया सावन झूम के और जुगनू में बतौर अभिनेता धर्मेंद्र ने काम किया।
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हीरो रवि चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
रवि चोपड़ा ने बताया कि फिल्मों के लिए मना करने पर निर्माताओं और डायरेक्टरों ने पूछा कि इतनी अच्छी फिल्में क्यों छोड़ रहे हो। तुम लकी हो जो तुम्हें इतनी फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं। तब तक फिल्म में काम करने की जानकारी उन्होंने अपने घर वालों को नहीं दी थी। जैसे ही फिल्म रिलीज हुई तो दादी जी नाराज हो गईं और उन्होंने इसके बाद फिल्में न करने का मन बना लिया। फिल्म मोम की गुड़िया के लिए उन्होंने सवा तीन लाख रुपये मेहनताना लिया था। रवि चोपड़ा से पूछा गया कि उन्होंने फिल्मों में काम करना क्यों छोड़ दिया तो बताया कि फिल्म में काम करने से दादी बहुत नाराज हो गईं थीं। कहने लगीं की अगर तुमने फिल्मों में काम किया तो मैं खुद को आग लगा लूंगी। घर में खूब हंगामा हुआ। इसके चलते उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। वापस पंजाब आ गए और यहां पर पढ़ाने लगे। रवि चोपड़ा ने शादी नहीं की है। कई स्कूल और कॉलेजों में उन्होंने बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाई। जनवरी 2020 में पता चला कि उन्हें कैंसर है और अब वह इससे जूझ रहे हैं।
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हीरो रवि चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
रवि चोपड़ा ने बताया कि वह कॉलेज में विभिन कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते रहते थे। पढ़ाई भी खूब की। मालेरकोटला के बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमए की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें कॉलेज की तरफ से मुंबई के जय हिंद कॉलेज में टूर पर जाने का मौका मिला। वहां एक एक्ट के दौरान उनका अभिनय फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर राहुल रवेल को काफी पसंद आया। खासकर डायलॉग डिलीवरी। उन्होंने उन्हें फिल्म में काम करने को कहा और वह मुंबई चले आए। उस समय यासीन मलिक मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पहुंच रखते थे। उन्होंने अपने चचरे भाई से मेरी मुलाकात करवाई। उन दिनों निर्माता, निर्देशक मोहन कुमार अपनी एक नई फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश में थे। यासीन मालिक और उनके चचेरे भाई ने मोहन कुमार से बात की जो कि उन्हें अच्छी तरह जानते थे। मोहन कुमार ने ऑडिशन लिया। ऑडिशन पास हो गया और इस तरह ‘मोम की गुड़िया’ फिल्म में मुझे बतौर हीरो ले लिया गया था। फिल्म के गीत हिट रहे रफी साहब का गीत ‘रेशमा जवान हो गई..., गीतकार आनंद बख्शी साहब ने पहली बार इस फिल्म में गीत गाया। फिल्म के संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल थे। इस फिल्म में काम मिलने के बाद उनका नाम डायरेक्टर ने बदलकर अब्दुल जब्बार खान से रवि चोपड़ा रख दिया था।