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Chandigarh News: दोस्ती में दगा... उधार लिए 31 लाख रुपये वापस करने से मुकरा
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चंडीगढ़। एक दोस्त ने बिना ब्याज के अपने दूसरे दोस्त से 31 लाख रुपये का लोन दिया। इसकी एवज आरोपी ने दो चेक दिए, लेेकिन जब चेक बैंक में लगाए गए तो बाउंस हो गए। इसके बाद दोस्त को चक्कर पर चक्कर कटवाता रहा और बाद में पैसे देने से इन्कार कर दिया। थक कर दोस्त ने पुलिस को शिकायत दी। अब सेक्टर-36 थाने में पंजाब के फिरोजपुर के वरपाल झीरा निवासी आरोपी बलविंदर सिंह गिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस बारे में सेक्टर-42 के हाउस नंबर-1418 निवासी भगवान जिंदल ने बताया कि आरोेपी बलविंदर सिंह ने सितंबर 2021 में उनसे संपर्क किया और दोस्ती के नाते 25 लाख रुपये का लोन देने के लिए कहा। दोस्ती के कारण उन्होंने 30 सितंबर 2021 को उसकेे खाते में 25 लाख रुपये चेक के जरिए जमा करवा दिए। उक्त लोेन की राशि को 30 सितंबर 2023 या फिर इससे पहले वापस किया जाना था और यह राशि बिना ब्याज के दी गई थी। जून 2022 में बलविदर ने उससे फिर संपर्क किया और छह लाख की डिमांड की। शिकायतकर्ता ने फिर से आरटीजीएस के जरिए उसके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। अब आरोेपी के पास कुल 31 लाख रुपये चले गए थे और यह पूरी राशि सितंबर 2023 से पहले वापस किए का लिखित करार भी हुआ।
आरोपी द्वारा दिए गए दोनों चैक हो गए बाउंस
कुछ महीनों बाद ही बलविंदर ने उसेे फोन कर अपने पास बुलाया और उसे दोे चेक दिए। उसने कहा कि वह ये चेक दिसंबर 2022 में लगा सकता है। उसने एक चेक नंबर- 877080 इंडसइंड बैंक, फेज-11 मोहाली शाखा तीन लाख रुपये और दूसरा चेक नंबर-000016 एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शाखा कार्यालय सेक्टर- 35बी छह लाख रुपये का दिया। शिकायतकर्ता ने दोनों चेक बैंक में लगा दिए। लेकिन जिस चेक की राशि तीन लाख रुपये थी बैंक ने वह वापस कर दिया और बताया कि यह खाता बंद हो रखा है। जबकि छह लाख वाले बैंक खाते में पैसे ही नहीं थे। उसने तुरंत आरोपी से संपर्क किया तो आश्वासन दिया कि वह कुछ दिनों में नकद या बैंक के जरिए उक्त राशि का भुगतान कर देगा। इसके लिए वह कई दिनों तक उसके चक्कर कटवाता रहा और अप्रैल 2023 में उसने उधार लिए गए 31 लाख रुपये वापस करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर अब केस दर्ज किया गया है।
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इस बारे में सेक्टर-42 के हाउस नंबर-1418 निवासी भगवान जिंदल ने बताया कि आरोेपी बलविंदर सिंह ने सितंबर 2021 में उनसे संपर्क किया और दोस्ती के नाते 25 लाख रुपये का लोन देने के लिए कहा। दोस्ती के कारण उन्होंने 30 सितंबर 2021 को उसकेे खाते में 25 लाख रुपये चेक के जरिए जमा करवा दिए। उक्त लोेन की राशि को 30 सितंबर 2023 या फिर इससे पहले वापस किया जाना था और यह राशि बिना ब्याज के दी गई थी। जून 2022 में बलविदर ने उससे फिर संपर्क किया और छह लाख की डिमांड की। शिकायतकर्ता ने फिर से आरटीजीएस के जरिए उसके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। अब आरोेपी के पास कुल 31 लाख रुपये चले गए थे और यह पूरी राशि सितंबर 2023 से पहले वापस किए का लिखित करार भी हुआ।
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आरोपी द्वारा दिए गए दोनों चैक हो गए बाउंस
कुछ महीनों बाद ही बलविंदर ने उसेे फोन कर अपने पास बुलाया और उसे दोे चेक दिए। उसने कहा कि वह ये चेक दिसंबर 2022 में लगा सकता है। उसने एक चेक नंबर- 877080 इंडसइंड बैंक, फेज-11 मोहाली शाखा तीन लाख रुपये और दूसरा चेक नंबर-000016 एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शाखा कार्यालय सेक्टर- 35बी छह लाख रुपये का दिया। शिकायतकर्ता ने दोनों चेक बैंक में लगा दिए। लेकिन जिस चेक की राशि तीन लाख रुपये थी बैंक ने वह वापस कर दिया और बताया कि यह खाता बंद हो रखा है। जबकि छह लाख वाले बैंक खाते में पैसे ही नहीं थे। उसने तुरंत आरोपी से संपर्क किया तो आश्वासन दिया कि वह कुछ दिनों में नकद या बैंक के जरिए उक्त राशि का भुगतान कर देगा। इसके लिए वह कई दिनों तक उसके चक्कर कटवाता रहा और अप्रैल 2023 में उसने उधार लिए गए 31 लाख रुपये वापस करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर अब केस दर्ज किया गया है।
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