फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ban On Playing Of Those Songs In Public place, Who Promoting Intoxicant, Obscenity And Violence

पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं बजेंगे ये गानें, हथियारों को लेकर भी पाबंदी

Fri, 26 Jul 2019 12:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 26 Jul 2019 12:08 AM IST
विज्ञापन
Ban On Playing Of Those Songs In Public place, Who Promoting Intoxicant, Obscenity And Violence
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि गीतों में शराब, अश्लीलता, नशा और हिंसा का महिमा मंडन पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गैंगस्टर कल्चर बढ़ाने वाला है।

विज्ञापन


कोर्ट ने तीनों राज्यों में किसी भी लाइव शो या पब्लिक प्लेस पर किसी भी गीत में इन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि कहीं ऐसे गीत बजे और कार्रवाई नहीं हुई तो उसके लिए डीजीपी जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने अपने किसी भी लाइव शो और पब्लिक प्लेस पर ऐसे गीतों के गाने और बजाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है जिनमें अश्लीलता, हिंसा और शराब और अन्य नशों को प्रोहत्साहित किया गया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के करीब अर्ध-नग्न पोस्टर या ऐसी किसी भी सामग्री को प्रदर्शित करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को ऐसे किसी भी सिनेमा हाल में न जाने दिया जाए जिसमें ए सर्टिफिकेट वाली फिल्म लगी हो।

इनके महिमा मंडन से बच्चों पर बुरा असर

हाईकोर्ट ने कहा कि देखने में आया है कि हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में हिंसा, अश्लीलता, नशे और शराब का महिमा मंडन बढ़ रहा है। सरकार को इस प्रकार की प्रवृत्ति पर रोक लगानी चाहिए थी। लेकिन किसी राज्य ने भी ऐसा नहीं किया। इसका सबसे बुरा प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ रहा है।

शादी, धार्मिक आयोजनों में हथियार ले जाने पर पाबंदी 
कोर्ट ने कहा कि शादियों या इस प्रकार के आयोजनों में कुछ लोग झूठी शान दिखाने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करने लगते हैं। ऐसी जगह गोली चलने से लोगों की मौत होने की खबरें आम हो गई हैं। हाईकोर्ट ने अब ऐसे लोगों पर सख्ती करते हुए किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजनों, शादियों और शिक्षण संस्थानों में किसी भी तरह के हथियार ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।

लाइसेंस के नियम होंगे और सख्त
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि लाइसेंसिंग अथॉरिटी यह सुनिश्चित करे जिस व्यक्ति को हथियार दिया जा रहा है उसकी आयु 21 साल से कम न हो। इसके साथ ही ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसे किसी भी आपराधिक और नैतिक पतन के मामले में अदालत दोषी करार दे चुकी है उसे हथियार का लाइसेंस न दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि हथियार विशिष्ट परिस्थिति में दिया जाता है लेकिन हथियार रखना कोई सांविधानिक अधिकार नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed