{"_id":"5ef0379a6cc7791d50269d97","slug":"akali-dal-criticized-captain-amrinder-singh-regarding-issue-of-india-china-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"'सैनिकों को उपदेश देना बंद करें, बयानबाजी करके केंद्र सरकार को कमजोर कर रहे हैं कैप्टन'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'सैनिकों को उपदेश देना बंद करें, बयानबाजी करके केंद्र सरकार को कमजोर कर रहे हैं कैप्टन'
Mon, 22 Jun 2020 10:16 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 22 Jun 2020 10:16 AM IST
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वे सेना की बातें सैनिकों पर छोड़ दें और उनको उपदेश देना बंद करें। कैप्टन की केंद्र से चीन को स्पष्ट संदेश देने की मांग पर शिअद ने यह भी कहा कि सकंट की घड़ी में हम सब केंद्र सरकार के साथ एकजुट खड़े हैं। रविवार को जारी एक प्रेस बयान में अकाली दल के वरिष्ठ नेता और सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि यह बेहद तकलीफदेह है।
मुख्यमंत्री इस तरह की बयानबाजी करके केंद्र सरकार को इस महत्वपूर्ण मोड़ पर कमजोर बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य जुनून भड़काना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण करना है। इस तरह के बयानों से बंटवारा पैदा होता है। जब पंजाब के चार बहादुर जवान शहीद हो गए हैं, ऐसे समय में हमारे दुश्मनों द्वारा इसका फायदा उठाए जाने की बहुत ज्यादा संभावना है। यह किसी भी मुख्यमंत्री के लिए अच्छा नहीं है।
कोई भी सेना के कामकाज में दखल न दे
उन्होंने सीएम को याद करवाया कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय सेना में एड दी कैंप (एडीसी) थे, उस समय से लेकर अब हालात बहुत तेजी से बदल चुके हैं। सीमा पर स्थिति गतिशील है। कोई भी बाहर से बैठकर यह टिप्पणियां नहीं कर सकता कि स्थिति ऐसी है और क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्ड में कैसा जवाब दिया जाए, इसका निर्णय सिर्फ जनरलों और कमांडिग अधिकारियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को भी भारतीय सेना के कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए, यहां तक की पूर्व सैनिक को भी नहीं।
विज्ञापन
नियम समझौते का हिस्सा
भूंदड़ ने कहा मुख्यमंत्री ने जिस कार्य के नियमों के बारे में टिप्पणी की थी, उसके बारे में उन्हें पता होना चाहिए कि चीन के साथ 1996 में किए गए समझौते का हिस्सा था और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए कार्यकाल के दौरान 2005 में इसकी पुष्टि की गई थी। कैप्टन ने इस तथ्य की अनदेखी की है और इस नीति को बदलने की जरूरत के बारे में बात कर रहे हैं और सैनिकों को शस्त्रों के उपयोग की स्वतंत्रता की अनुमति के बारे में बोल रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री इस तरह की बयानबाजी करके केंद्र सरकार को इस महत्वपूर्ण मोड़ पर कमजोर बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य जुनून भड़काना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण करना है। इस तरह के बयानों से बंटवारा पैदा होता है। जब पंजाब के चार बहादुर जवान शहीद हो गए हैं, ऐसे समय में हमारे दुश्मनों द्वारा इसका फायदा उठाए जाने की बहुत ज्यादा संभावना है। यह किसी भी मुख्यमंत्री के लिए अच्छा नहीं है।
विज्ञापन
कोई भी सेना के कामकाज में दखल न दे
उन्होंने सीएम को याद करवाया कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय सेना में एड दी कैंप (एडीसी) थे, उस समय से लेकर अब हालात बहुत तेजी से बदल चुके हैं। सीमा पर स्थिति गतिशील है। कोई भी बाहर से बैठकर यह टिप्पणियां नहीं कर सकता कि स्थिति ऐसी है और क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्ड में कैसा जवाब दिया जाए, इसका निर्णय सिर्फ जनरलों और कमांडिग अधिकारियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को भी भारतीय सेना के कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए, यहां तक की पूर्व सैनिक को भी नहीं।
विज्ञापन
नियम समझौते का हिस्सा
भूंदड़ ने कहा मुख्यमंत्री ने जिस कार्य के नियमों के बारे में टिप्पणी की थी, उसके बारे में उन्हें पता होना चाहिए कि चीन के साथ 1996 में किए गए समझौते का हिस्सा था और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए कार्यकाल के दौरान 2005 में इसकी पुष्टि की गई थी। कैप्टन ने इस तथ्य की अनदेखी की है और इस नीति को बदलने की जरूरत के बारे में बात कर रहे हैं और सैनिकों को शस्त्रों के उपयोग की स्वतंत्रता की अनुमति के बारे में बोल रहे हैं।