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हरियाणा: बर्ड फ्लू की दहशत से सहमा पोल्ट्री उद्योग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Dec 2014 01:29 PM IST
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सर्दी के मौसम में पोल्ट्री उद्योग को कैश कराने की तैयारी में जुटे उद्योगपतियों को बर्ड फ्लू की आहट ने हिला कर रख दिया है। चंडीगढ़ की सुखना झील में बतखों में बर्ड फ्लू पाए जाने से हरियाणा के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
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हालांकि राज्य में अभी इस तरह का कोई भी केस सामने नहीं आया है लेकिन राज्य सरकार ने सतर्कता के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर पोल्ट्री फार्म संचालक जहां सावधानी बरत रहे हैं वहीं स्थानीय अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं।
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प्रदेश में अंबाला, जींद, कैथल और पंचकूला के बरवाला आदि में पोल्ट्री के बड़े फॉर्म हाउस हैं। यहां से करोड़ों का कारोबार होता है।
अंबाला के बड़े पोलट्री कारोबारी हरीश कुमार बताते हैं कि अंबाला व बरवाला में पोल्ट्री की बहुत बड़ी मंडी है। यहां से चिकन व अंडे पंजाब, जेएंडके, चंडीगढ़, उत्तराखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भेजे जाते हैं।
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अंबाल व बरवाला में ही डेढ़ सौ के करीब पोलट्री फार्म हैं, जबकि जींद और अन्य जिलों पोल्ट्री फार्म की सौ के करीब इकाइयां है। हर साल हरियाणा का पोल्ट्री उद्योग करोड़ों का कारोबार करता है। लेकिन अब चंडीगढ़ में सामने आई बर्ड फ्लू की खबर ने पोल्ट्री संचालकों में खलबली मचा दी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म संचालकों को ये निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को पोल्ट्री फार्म के भीतर न जाने दें और खुद भी गंभीरता से चूजों व चिकन की देखरेख करें। गौरतलब है कि चंडीगढ़ की सुखना लेक में एक बतख को बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने लेक में अन्य बतखों को भी खत्म कर दिया है, ताकि ये फ्लू आगे न बढ़े।
पोल्ट्री उद्योग में इस बात को लेकर काफी सावधानी बरती जा रही है। अभी चंडीगढ़ प्रशासन इस फ्लू पर काबू पाने का दावा कर रहा है। लेकिन पोल्ट्री फार्मों में नियमित बर्ड का वैक्सीनेशन करवाया जाता है और सभी पोल्ट्री फार्म संचालक बहुत ज्यादा अलर्ट है।
- अनिल शाही, नेशनल एग कोर्डिनेशन कंपनी के वाइस चेयरमैन व पोल्ट्री एसोसिएशन हरियाणा के सदस्य-
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बर्ड फ्लू पक्षियों के लिए बहुत ही खतरनाक बीमारी है। यदि यह फैल गई तो अंबाला व बरवाला में पोल्ट्री उद्योग को खत्म कर देगी। ये वायरल बर्ड से इंसान में भी आ जाता है। इसलिए पोल्ट्री उद्योगपति पूरा एहतियात बरतें, नियमित वैक्सीनेशन करवाएं और इन पक्षियों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों को इस बीमारी की चपेट में न आने वाली टैबलेट भी खिलाएं।
डा. सीएल शुक्ला, वरिष्ठ पशु-पक्षी रोग अन्वेषण विशेषज्ञ
जींद में भी चिंता के बादल
जींद। चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद जींद का पोल्ट्री उद्योग भी सकते में है। सर्दी में पोल्ट्री की मांग सबसे अधिक होती है और ऐसे में बीमारी आने से पोल्ट्री उद्योग चौपट हो सकता है। वहीं बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
जींद जिला पोल्ट्री का हब है। जिले में 300 से अधिक पोल्ट्री फार्म हैं और 80 से अधिक हैचरी हैं। यहां से हर रोज दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश एवं उत्तर भारत के अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में मुर्गें की आपूर्ति की जाती है। यहां सर्दियों में करीब एक करोड़ रुपये प्रतिदिन का व्यवसाय होता है इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवार जुडे़ हैं।
लापरवाही न बरतें
बर्ड फ्लू पोल्ट्री उद्योग के साथ-साथ लोगों के लिए भी खतरनाक है। ऐसे में कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इसके लिए जींद में डायग्नोस्टिक लैब बनाई गई है। यहां हर प्रकार की जांच की सुविधा है। किसी प्रकार का अंदेशा होने पर फार्मर को तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करना चाहिए।
डॉ. देवेंद्र, उप पशुपालन निदेशक, जींद।
नहीं पड़ेगा असर
फिलहाल जींद में बर्ड फ्लू जैसा कोई मामला समाने नहीं आया है। अभी चंडीगढ़ में इसकी पुष्टि हुई है, जो कि यहां से काफी दूर है। मुर्गी पालन पूर्ण रूप से सुरक्षित है और इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गुरमिंद्र बिसला, पूर्व प्रधान, पोल्ट्री एवं हैचरी एसोसिएशन