9455 JBT की भर्ती में धांधली, 40 हजार आवेदकों को राहत
9455 जेबीटी टीचर्स की भर्ती के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 40 हजार आवेदकों को राहत देते हुए याचक को बड़ा झटका दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती के लिए जारी की गई मेरिट लिस्ट की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंटिफिक लेबोरेटरी (सीएफएसएल) में कराई गई जांच में गड़बड़ी नहीं मिली है।
लैब ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा है कि तकनीकी कारणों से अंकों में फेरबदल हुआ, लेकिन इसमें किसी व्यक्ति की निजी गलती नहीं है।
इस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा है कि नियुक्ति पर रोक जारी रखने का अब कोई औचित्य नहीं है। हालांकि रोक नहीं हटाई गई है, लेकिन याचिकाकर्ता को अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
डाटा अपलोडिंग के वक्त हुई गलती
हाईकोर्ट की ओर से मेरिट लिस्ट संबंधी सील किए गए कंप्यूटर व हार्ड डिस्क लैब भेजे गए थे। इससे पहले हाईकोर्ट ने परिणाम तैयार करने वाले प्रोग्रामर व स्टाफ सलेक्शन कमीशन के सचिव से शपथ पत्र मांगा था कि डाटा अपलोड करने में गलती कैसे हुई।
इन दोनों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि डाटा एकत्र करते समय अंकों में फेरबदल हो गया, लेकिन सभी उम्मीदवारों को अंक पूरे दिए गए। प्रोग्रामर ने बेंच को बताया था कि डाटा अपलोड करते वक्त गलती हो गई।
यह है मामला
जेबीटी के 9455 शिक्षकों की भर्ती के लिए सरकार ने 40 हजार उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था। एक स्नातकोत्तर उम्मीदवार ने याचिका दायर कर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया था।