सिविल डिफेंस वालंटियर: छह हजार आवेदक युवाओं को सेक्टर अनुसार बांटा, पूछा जाएगा-अब भी मदद को तैयार हैं या नहीं
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए विभाग की तरफ से सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान से भी बातचीत चल रही है। उन्हें प्रपोजल दिया गया है। अगर वह राजी होते हैं तो वहां पर युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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युद्ध जैसी आपात स्थिति में सहायता के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर 6000 युवाओं ने वालंटियर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। अब इन वालंटियर्स को सेक्टर अनुसार बांट दिया गया है। उन्हें कॉल कर यह पूछा जाएगा कि क्या वे अभी भी मदद के लिए तैयार हैं। तैयार युवाओं को एक हफ्ते की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें सेक्टर-26 या 18 में रोजाना 8 घंटे की क्लास होगी। ट्रेनिंग पूरी होने पर उन्हें ड्रेस और पहचान पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
शहर के डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जब चंडीगढ़ के युवाओं से मदद मांगी गई थी तो उम्मीद से ज्यादा युवा टैगोर थिएटर पहुंचे थे और रजिस्ट्रेशन कराया था।
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प्रशासन उत्साही युवाओं से आगे भी मदद लेगा, इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया गया है। करीब 6000 युवाओं ने फॉर्म भरा था। अब उन्हें डीसी ऑफिस की तरफ से फोन किया जाएगा और पूछा जाएगा कि क्या अभी भी वह तैयार है या नहीं। जो भी युवा हामी भरेगा, उनके आवेदनों को आगे प्रोसेस किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने सभी आवेदनों को सेक्टर और गांव-कॉलोनी के अनुसार बांटा है। उन्होंने बताया कि किसी एरिया में 100 वालंटियर्स तो कुछ सेक्टर में महज पांच और 10 है। ऐसे में अब सभी को वहां के जनसंख्या घनत्व के अनुसार वालंटियर की संख्या मैच की जाएगी। इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
8 घंटे की एक हफ्ते होगी ट्रेनिंग
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए विभाग की तरफ से सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान से भी बातचीत चल रही है। उन्हें प्रपोजल दिया गया है। अगर वह राजी होते हैं तो वहां पर युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, अन्यथा सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर में भी व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए एक हफ्ते की ट्रेनिंग होगी, जिसमें युवाओं की रोजाना 8 घंटे की क्लास लगेगी। उन्हें आपात की स्थिति में ध्यान रखने वाली और जान बचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। जो भी युवक 7 दिन की ट्रेनिंग पूरी करेगा, उन्हें एक विशेष आईडी दी जाएगी और भीड़ से अलग देखने के लिए उन्हें यूनिफॉर्म भी प्रदान किया जाएगा।
डेराबस्सी में ट्रेनिंग ले रहे हैं 10 ट्रेनर
जो ट्रेनर्स वालंटियर्स को ट्रेनिंग देंगे, उन्हें भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए उनकी ट्रेनिंग डेराबस्सी में शुरू भी हो चुकी है। उन्हें दो हफ्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए 10 ट्रेनर्स का टीम डेराबस्सी के अकादमी में ट्रेनिंग ले रही है। वह वापस आकर चंडीगढ़ के वालंटियर्स को ट्रेनिंग देने के शेड्यूल तैयार करेंगे। पूरी तरह से जो वालंटियर्स तैयार हो जाएंगे, उनका एक डेटाबेस तैयार होगा। भविष्य में युद्ध या कोई आपात की स्थिति होगी, तो इनसे संपर्क किया जाएगा।
पीएम मोदी ने भी सराहा
भारत पाक युद्ध की संभावनाओं के बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने युवा वॉलिंटियर्स से मदद मांगी थी और इसके लिए सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर में एक रजिस्ट्रेशन कैंप लगाया था। विभाग को उम्मीद थी कि कुछ ही युवा आगे आएंगे लेकिन उनकी उम्मीद से कई गुना ज्यादा सैकड़ों की संख्या में युवक पहुंच गए। टैगोर थिएटर के आसपास जाम लग गया था। भीड़ को अलग-अलग करने के लिए प्रशासन को सेक्टर 17 के तिरंगा पार्क में भी एक कैंप लगाना पड़ा। इस दौरान विभाग के पास 6000 रजिस्ट्रेशन आए। इसके कई वीडियो भी वायरल हुए थे। इसके कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र किया था और युवाओं को सराहा था।