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सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं, दिव्यांगों के लिए खुशखबरी, प्रॉपर्टी टैक्स से कनेक्शन
Fri, 07 Jun 2019 02:14 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 07 Jun 2019 02:14 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। प्रॉपर्टी टैक्स में छूट मिलने जा रही है और इस नियम को लागू कर दिया गया है। चंडीगढ़ में 300 गज से अधिक एरिया में बने मकानों में रह रहे सैन्य कर्मियों को अब प्रॉपर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।
सांसद किरण खेर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। इसके लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थीं। सांसद ने बताया कि एडवाइजर मनोज परिदा ने जानकारी दी है कि इस संदर्भ में प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। अभी तक 300 गज से ज्यादा की प्रॉपर्टी रखने पर सैन्य कर्मियों को पूरा टैक्स चुकाना पड़ता था। यह प्रस्ताव पहले भी लाया गया था, लेकिन मंजूर नहीं हुआ था।
300 गज तक के मकानों पर नहीं है टैक्स
यूटी में सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं और दिव्यांगों से 300 गज तक की प्रॉपर्टी पर कोई प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिया जाता है। इसके लिए दिव्यांगों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता है। वहीं, सैन्य कर्मियों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर साल एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें बताया जाता है कि संबंधित भूमि अथवा घर का उपयोग स्वयं ही कर रहा है। किराये पर देने के बाद टैक्स में छूट नहीं मिलती है।
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सांसद किरण खेर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। इसके लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थीं। सांसद ने बताया कि एडवाइजर मनोज परिदा ने जानकारी दी है कि इस संदर्भ में प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। अभी तक 300 गज से ज्यादा की प्रॉपर्टी रखने पर सैन्य कर्मियों को पूरा टैक्स चुकाना पड़ता था। यह प्रस्ताव पहले भी लाया गया था, लेकिन मंजूर नहीं हुआ था।
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300 गज तक के मकानों पर नहीं है टैक्स
यूटी में सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं और दिव्यांगों से 300 गज तक की प्रॉपर्टी पर कोई प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिया जाता है। इसके लिए दिव्यांगों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता है। वहीं, सैन्य कर्मियों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर साल एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें बताया जाता है कि संबंधित भूमि अथवा घर का उपयोग स्वयं ही कर रहा है। किराये पर देने के बाद टैक्स में छूट नहीं मिलती है।
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अभी पत्र नहीं मिला, 100 प्रतिशत छूट का भेजा था प्रस्ताव
नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि पंजाब की तर्ज पर सैन्य कर्मियों को 100 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का प्रस्ताव भेजा गया था। अभी निगम को कोई पत्र नहीं मिला है। हमेशा से लोगों की मांग रही है कि यूटी में पंजाब का हिस्सा होने के बावजूद सुविधाएं एक जैसी क्यों नहीं हैं।
नोटिस के बाद जताई गई थी आपत्ति
शहर में वर्तमान में लगभग 700 रिटायर्ड सैन्य कर्मी रहते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड ऑनलाइन करते समय जब लोगों को नोटिस भेजे गए थे तो इस पर सैन्य कर्मियों ने आपत्ति भी जताई थी। उनका कहना था कि पंजाब में प्रॉपर्टी टैक्स में 100 प्रतिशत छूट मिलती है, चंडीगढ़ में टैक्स भरने के बावजूद नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा सैन्य कर्मियों के लिए कोई अलग से व्यवस्था भी नहीं है, जहां पर वे अपनी समस्याएं रख सकें। बता दें कि उसके बाद इस मामले पर हाउस की बैठक में भी लंबी बहस हुई थी।
नोटिस के बाद जताई गई थी आपत्ति
शहर में वर्तमान में लगभग 700 रिटायर्ड सैन्य कर्मी रहते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड ऑनलाइन करते समय जब लोगों को नोटिस भेजे गए थे तो इस पर सैन्य कर्मियों ने आपत्ति भी जताई थी। उनका कहना था कि पंजाब में प्रॉपर्टी टैक्स में 100 प्रतिशत छूट मिलती है, चंडीगढ़ में टैक्स भरने के बावजूद नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा सैन्य कर्मियों के लिए कोई अलग से व्यवस्था भी नहीं है, जहां पर वे अपनी समस्याएं रख सकें। बता दें कि उसके बाद इस मामले पर हाउस की बैठक में भी लंबी बहस हुई थी।