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हरियाणाः रोडवेज हड़ताल के दौरान रखे गए 3500 कर्मियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
Fri, 15 Mar 2019 12:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 15 Mar 2019 12:25 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान दिहाड़ी पर रखे गए कर्मियों को एडजस्ट करने की अपील वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हरियाणा रोडवेज ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनके पास कर्मचारी सरप्लस हैं और रोडवेज घाटे में। ऐसे में इन कर्मचारियों को एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। इस दलील को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बसों में ड्राइवर और कंडक्टर की दिहाड़ी आधार पर जिम्मेदारी संभाली थी। हड़ताल खत्म होने के बाद इनको निकाल दिया गया। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए याचिकाकर्ताओं ने हड़ताल खत्म होने के साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी है।
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याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा रोडवेज का साथ तब दिया था जब उनके कर्मी हड़ताल पर गए थे। उस दौरान वे प्राइवेट नौकरी कर रहे थे। जिसे छोड़कर उन्होंने रोडवेज में सेवाएं दी। इस दौरान उन्हें आश्वस्त किया गया था कि भर्ती में उन्हें एडजस्ट किया जाएगा। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा था कि इन कर्मचारियों की जरूरत है या नहीं।
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स्टेट ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर के ऑफिस की ओर से इन कर्मचारियों की जरूरत होने से इनकार कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि रोडवेज में 3829 बसें हैं जबकि कंडक्टरों की संख्या 6651 है। अनुबंध के आधार पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन के आधार पर जो आवेदन मांगे गए थे उसे भी वापस ले लिया गया है। ऐसे में वर्तमान में स्थिति वह नहीं है जो 1993 के समय मे थी।