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Chandigarh News: साल के अंत तक आएंगी नई 100 ई-बसें
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चंडीगढ़। इस वर्ष के अंत तक शहर की सड़कों पर 100 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी। सीटीयू ने 12 मीटर की 100 बसों के लिए पीएमआई के साथ समझौता किया है। ये बसें डिपो नंबर-4 के 100 डीजल बसों की जगह लेंगी। बसें किलोमीटर के आधार पर चलाई जाएंगी, जिसके लिए सीटीयू 61.80 रुपये चुकाएगा। इसमें केंद्र सरकार से प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।वर्तमान में शहर की सड़कों पर जो 80 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं, वह केंद्र सरकार की ओर से फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम के अंतर्गत लाई गई हैं। प्रति बस केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को 45 लाख रुपये की सब्सिडी की है लेकिन अब सब्सिडी देने के मॉडल को बदला जा रहा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बस संचालन के विस्तार के लिए केंद्र ने पीएम-ई बस सेवा को लांच किया है। इसके तहत ही 100 ई-बसों के लिए प्रति बस 24 रुपये प्रति किलोमीटर की सब्सिडी मिलेगी। सीटीयू ने बसों के लिए पीएमआई के साथ समझौता किया है। 12 मीटर की यह बसें एसी होंगी। कंपनी की तरफ से छह महीने के अंदर बस का प्रोटोटाइप तैयार कर विभाग को दिखाया जाएगा। इसमें कमियों को बताने के बाद कंपनी की तरफ से फाइनल बसों की डिलीवरी शुरू की जाएगी। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कहा कि 12 मीटर की अल्ट्रा लो फ्लोर बस के लिए प्रति किमी 61.80 रुपये कंपनी को दिए जाएंगे। यह पूरे देश में सबसे कम है। ट्राइसिटी में सीटीयू की 438 एसी और नॉन एसी बसें चलती हैं। इन बसों के सीटीयू के बेड़े में शामिल होने के बाद एसी की 309 और नॉन-एसी बसें 129 रह जाएंगी।
वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रही 80 ई-बसें
वर्तमान में 40-40 करके 80 ई-बसों के लिए दो कंपनियों से समझौता हुआ है। पहली 40 बसों के लिए अशोक लेलैंड से 10 साल के लिए 154.01 करोड़ और फरवरी 2022 में अन्य 40 बसों के लिए वोल्वो-आयशर के साथ 10 साल के लिए 115.44 करोड़ में समझौता हुआ। वोल्वो-आयशर को सीटीयू 44.99 रुपये प्रति किलोमीटर चुका रहा है। सीटीयू को सिर्फ किमी के अनुसार कंपनी को पैसे देने हैं। बस, ड्राइवर, बसों का रखरखाव, चार्जिंग स्टेशन आदि सब कुछ कंपनी की जिम्मेदारी होती है। नई योजना के अनुसार पीपीपी मॉडल पर ई-बसों के संचालन के लिए केंद्र 10 साल तक सब्सिडी को जारी रखेगी। बसों के संचालन से जुड़ी बुनियादी संरचना से डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास व अपग्रेडेशन में सीटीयू सहायता मिलेगी और ई-बसों के लिए बिहाइंड द मीटर विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर (सबस्टेशन आदि) का निर्माण भी संभव होगा।
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वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रही 80 ई-बसें
वर्तमान में 40-40 करके 80 ई-बसों के लिए दो कंपनियों से समझौता हुआ है। पहली 40 बसों के लिए अशोक लेलैंड से 10 साल के लिए 154.01 करोड़ और फरवरी 2022 में अन्य 40 बसों के लिए वोल्वो-आयशर के साथ 10 साल के लिए 115.44 करोड़ में समझौता हुआ। वोल्वो-आयशर को सीटीयू 44.99 रुपये प्रति किलोमीटर चुका रहा है। सीटीयू को सिर्फ किमी के अनुसार कंपनी को पैसे देने हैं। बस, ड्राइवर, बसों का रखरखाव, चार्जिंग स्टेशन आदि सब कुछ कंपनी की जिम्मेदारी होती है। नई योजना के अनुसार पीपीपी मॉडल पर ई-बसों के संचालन के लिए केंद्र 10 साल तक सब्सिडी को जारी रखेगी। बसों के संचालन से जुड़ी बुनियादी संरचना से डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास व अपग्रेडेशन में सीटीयू सहायता मिलेगी और ई-बसों के लिए बिहाइंड द मीटर विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर (सबस्टेशन आदि) का निर्माण भी संभव होगा।
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