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Prayagraj News : नरेंद्र गिरि द्वारा की गई वसीयतों की जांच में जुटी सीबीआई
Thu, 21 Oct 2021 04:44 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 21 Oct 2021 04:44 PM IST
सार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत 20 सितंबर को हो गई थी। उनका शव मठ बाघंबरी गद्दी आश्रम के एक कमरे में छत वाले पंखे से लटकता मिला था। घटना के 24 घंटे के भीतर ही योगी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। घटना के एक महीने बीत जाने के बाद भी सीबीआई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो
- फोटो : प्रयागराज
विस्तार
नरेंद्र गिरि की मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम उनके द्वारा की गईं तीन वसीयतों की जांच कर रही है। नरेंद्र गिरि ने तीसरी वसीयत में बलवीर पुरी को उत्तराधिकारी बनाया था, जबकि दूसरी वसीयत में आनंद गिरि को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।
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सीबीआई ने वसीयतों को लेकर पहले मठ में बलवीर गिरि समेत अन्य साधु संतों से पूछताछ की फिर अधिवक्ता से भी पूछताछ की। सीबीआई ने पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों में नरेंद्र गिरि ने वसीयत बदली।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने फिर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम।
- फोटो : प्रयागराज
सीबीआई टीम ने मंगलवार और बुधवार को वसीयत के संबंध में पूछताछ की। बृहस्पतिवार को भी इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। अंतिम वसीयत के अनुसार बलवीर गिरि को गद्दी मिली है। अंतिम दो वसीयतों में सीबीआई ने पूछताछ के लिए कुछ बिंदुओं का चुनाव किया है, जिन पर पूछताछ होनी है।
सीबीआई ने तमाम साधु संतों से यह भी पूछा है कि क्या नरेंद्र गिरि ने अपनी वसीयत को लेकर कभी उनसे कोई बात साझा की थी या नहीं? उन्होंने अंतिम वसीयत जून 2020 में की थी। जाहिर है इससे पहले ही उनका आनंद गिरि से कोई बड़ा विवाद हो गया था। इन्हीं सब बिंदुओं पर सीबीआई जांच कर रही है।
सीबीआई ने तमाम साधु संतों से यह भी पूछा है कि क्या नरेंद्र गिरि ने अपनी वसीयत को लेकर कभी उनसे कोई बात साझा की थी या नहीं? उन्होंने अंतिम वसीयत जून 2020 में की थी। जाहिर है इससे पहले ही उनका आनंद गिरि से कोई बड़ा विवाद हो गया था। इन्हीं सब बिंदुओं पर सीबीआई जांच कर रही है।