Mantra Jaap: हर माला का होता है अपना अलग प्रभाव, जानिए किसी देवी-देवता के मंत्र जाप के लिए किस माला का करें प्रयोग
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भगवान शिव के मंत्र जाप के लिए मुख्य रूप से रूद्राक्ष की माला का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि रूद्राक्ष की उत्पत्ति स्वयं भगवान शिव के अश्रुओं से मानी गई है। रूद्राक्ष की माला से भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा मां गायत्री,देवी दुर्गा, गणपति देव, कुमार कार्तिकेय और भगवान हनुमान के मंत्र जाप के लिए भी रूद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए।
स्फटिक की माला-
मां दुर्गा के सभी स्वरूपों के मंत्र जाप के लिए स्फटिक की माला का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा धन की देवी मां लक्ष्मी और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के मंत्र जाप के लिए भी स्फटिक की माला का प्रयोग किया जाता है।
तुलसी की माला-
तुलसी की माला का प्रयोग विशेषतौर पर भगवान विष्णु के मंत्र जाप के लिए किया जाता है। इसके अलावा भगवान राम और श्री कृष्ण के मंत्रो का जाप करने के लिए भी तुलसी की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ रहता है क्योंकि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्री राम और कृष्ण जी दोनों ही विष्णु जी का अवतार हैं।
लाल और सफेद चंदन की माला-
भगवान श्री गणेश, मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और त्रिपुर सुंदरी माता के मंत्रो का जाप करने के लिए लाल चंदन की माला का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा मंगल देव के मंत्रो का जाप लाल चंदन की माला से करना श्रेष्ठकर रहता है। सफेद चंदन की माला से भगवान श्रीराम, विष्णु, कृष्ण, दत्तात्रेय भगवान का मंत्र जाप किया जाता है।