सोने, चांदी की कीमत में
तेजी से गिरावट का कारण अर्थशास्त्री भले ही वायदा कारोबार और साईप्रस द्वारा काफी
मात्रा में जमा सोना बाजार में उतारने की बात कह रहे है लेकिन असलियत कुछ और है।
ज्योतिषशास्त्री और स्टॉक गुरू जयगोविंद शास्त्री कहते हैं कि यह घटना ऐसे समय में
ही क्यों हुई जब बुध कुंभ से अपनी नीच राशि मीन में पहुचे।
वास्तव में
बाजार का इस तरह लुढ़कने का कारण कुछ और नहीं बुध की यह स्थिति है। ज्योतिष का नियम
है कि जब बुध अपनी नीच राशि मीन में होते हैं तब अर्थव्यवस्था में गिरावट एवं
आर्थिक अपराध की घटनाओं में वृ्द्धि होती है। बुध कालपुरुष की बुद्धि हैं इसलिए जब
ये नीच राशिगत होते हैं तो अपने से संबंधित क्षेत्र जैसे बैंक, बीमा एवं कमोडिटी
बाज़ार के निवेशकों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
बुध के
मीन राशि में होने के कारण ही पश्चिम बंगाल में हुआ आर्थिक घोटाला सामने आया!
ऐसे अवसरों का पहले भी कई लोगों ने दुरूपयोग किया है जैसे हर्षद मेहता, अब्दुकरीम
तेलगी जिनके कारण हज़ारों निवेशकों को अर्श से फर्श पर आना पड़ा है और कई निवेशक तो
इसी नुकसान के कारण आत्महत्या भी कर चुके हैं!
लेकिन अब ये स्थिति समाप्त
होने वाली है क्योंकि आज शाम बुध मीन से निकलकर मेष राशि में पहुंच रहा है। जहां पर
यह सूर्य, मंगल, शुक्र, और केतु के साथ इनका मेल होगा। इसी मेल के परिणामस्वरूप
सोने-चांदी में हो रही भारी गिरावट थमेगी साथ ही 4 मई की मध्यरात्रि में शुक्र अपने
घर वृष राशि में आ जाएंगे।
जिससे खरीदारी में भारी वृद्धि होगी। शुक्र की
दशा-दिशा भी कमोडिटी बाज़ार को खासा प्रभावित करती है इसलिए इनका मंगल-सूर्य के
चंगुल से मुक्त होकर अपने घर में पहुचना निवेशकों और स्टॉक मार्केट के लिए उम्मीद
की किरण जगाएगा। निवेशकों के लिए सलाह है कि अबतक आपने धैर्य रखा है तो कुछ दिन और
धैर्य बनाए रखिए। अप्रैल माह के अंत के साथ बाज़ार में गिरावट का अंत हो सकता है।
बुध का मेष राशि में और शुक्र का वृष में पहुंचना आमजनता के लिए शुभ फलदायी रहेगा।