Kasab hanging after september 2012

सच हुई भविष्यवाणी, कसाब को शनि ने दिलायी फांसी

26 नवम्बर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले का आरोपी अजमल आमिर कसाब का जन्म 13 जुलाई 1987 को फरीदकोट में हुआ था। इसने भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी नेवी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया था। फांसी की सजा मिलने के बाद से इन दिनों यह पुणे के यरवदा जेल में अपनी मौत का इंतजार कर रहा है। मौत इससे अभी आंख मिचोली खेल रही है जिससे बार-बार इसकी फांसी टल जाती है और चंद सांसों की मोहलत और मिल जाती है ताकि यह अपने गुनाहों को याद करके हर दिन बेमौत मरता रहे। लेकिन अब यह लम्बे समय तक चलने वाला सिलसिला नहीं है।

कौन बचाता है कसाब को फांसी से

29 जुलाई 2010 से कसाब की कुण्डली में गुरू की महादशा चल रही है। इसी महादशा के शुभ प्रभाव से उसे आर्थर रोड जेल की यातनाओं से मुक्ति मिली। गुरू की यह दशा सितम्बर 2012 तक चलेगी इस समय तक कसाब को गुरू बचाता रहेगा। इसके बाद गुरू में शनि की दशा शुरू होगी जो मार्च 2015 तक चलेगी। इस दशा के दौरान कसाब को फांसी दी जा सकती है।

कैसे बना कसाब खूंखार आतंकी
कसाब की कुण्डली में मंगच नीच का है और गुरू मेष राशि में आठवें घर में बैठा है। केतु इसकी कुण्डली में लग्न में और राहु साप्तम भाव में बैठा है तथा वक्री शनि तीसरे घर में बैठा है। ग्रहों की इस स्थिति ने कसाब को धार्मिक मामलों में कट्टर बनाया। 2008 में जब इसने मुंबई को दहलाया उस समय यह राहु महादशा में चन्द्र और केतु के प्रभाव में था जिससे वह सही ग़लत का निर्णय करने की क्षमता खो बैठा और उस खूनी घटना को अंजाम दिया जिसने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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