बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन

गुरू चन्द्र का शुभ योग बनाता है प्रतिष्ठित और धनवान

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

ज्योतिषशास्त्र में गुरू और चन्द्रमा दोनों को शुभ ग्रह कहा गया है। कुण्डली में गुरू और चन्द्रमा एक साथ बैठे होते हैं तब गजकेशरी योग बनता है। इस योग का अर्थ है हाथी पर बैठा शेर। ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि, इस योग को राजयोग की श्रेणी में रखा गया है। जिस व्यक्ति की कुण्डली में यह योग बनता है वह बुद्घिमान और दीर्घायु होता है। धर्म-कर्म में इनकी रूचि होती है। ऐसे व्यक्ति जिस क्षेत्र में होते हैं उनमें निरंतर प्रगति की ओर बढ़ते रहते हैं।  

यह योग उन स्थितियों में भी बनता है जब गुरू और चन्द्रमा एक दूसरे से चौथे, सातवें या दसवें घर में होता हैं। ज्योतिष के ग्रंथ बृहत्पाराशरहोराशास्त्र में कहा गया है कि चन्द्रमा और गुरू के बीच संबंध नहीं भी हो और केवल गुरू चौथे, सातवें या दसवें घर में शुभ स्थिति में बैठा हो तब भी गजकेशरी योग बनता है।

इस योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस योग से प्रभावित व्यक्ति पढ़ने-लिखने में बहुत ही होशियार होते हैं। यह दयावान और विवेशील होते हैं। आमतौर पर इस योग वाले व्यक्ति उच्च पद पर कार्यरत होते हैं। अपने सद्गुणों के कारण मृत्यु के पशचात भी इनकी ख्याति बनी रहती है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और वॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की कुण्डली में भी यह योग मौजूद है।


विज्ञापन

Recommended

आज का राशिफल: मिथुन-कर्क की चमकेगी किस्मत, नौकरी-कारोबार में मिलेंगे नए अवसर और रिश्तों में बढ़ेगा प्यार

03 Sep 2026
03 Sep 2026
03 Sep 2026
03 Sep 2026
02 Sep 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
01 Sep 2026
01 Sep 2026
01 Sep 2026
01 Sep 2026
01 Sep 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

Followed