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सैन्य सहयोग पर मंथन: राजनाथ सिंह ने कहा- साथ काम करने की जरूरत; भारत पर क्या बोले बेल्जियम के रक्षा मंत्री?

Thu, 03 Sep 2026 12:19 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 03 Sep 2026 12:19 PM IST
सार

भारत और बेल्जियम ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी मजबूत करने की बात कही। वहीं, बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमता की तारीफ की। आईए जानतें हैं उन्होंने क्या कहा? 

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Rajnath Singh emphasizes the need to work together; what did the Belgian Defense Minister say about India
राजनाथ सिंह और थियो फ्रैंकन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बड़ी भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के दौर में दोनों देशों के पास अपनी साझेदारी को और बढ़ाने की क्षमता है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी में भारत-बेल्जियम रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान ये बातें कहीं। रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

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रक्षा मंत्री ने क्या कहा? 
सिंह ने कहा, 'दुनिया इस समय भारी भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से गुजर रही है। इसमें से ज्यादातर हमारी वजह से नहीं है, लेकिन हमें इन चुनौतियों का सामना करना होगा। ऐसे हालात में, आप जैसे दोस्त और पार्टनर से मिलना विचारों और नजरिए के आदान-प्रदान का एक अच्छा मौका देता है।'

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भारत-बेल्जियम के रिश्ते पर क्या कहा? 
रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हुई भारत-बेल्जियम रणनीतिक बातचीत ने रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और बढ़ाने की काफी संभावना है।
खासकर उनके रक्षा उद्योगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करके। उन्होंने कहा, 'हम बेल्जियम और भारत की रक्षा कंपनियों के बीच ज्यादा सहयोग का स्वागत करते हैं।' 

बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने तकनीकी क्षमता की तारीफ की। भारत के साथ साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत में फ्रैंकन ने कहा कि भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर सहयोग के लिए बेल्जियम को भारत जैसे देशों की जरूरत है।

बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने भारत को लेकर क्या कहा? 
उन्होंने कहा, 'हम आपसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। आप एक हाई-टेक्नोलॉजी वाले देश हैं। आप सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में से एक हैं। हमें सच में साथ मिलकर काम करने की जरूरत है क्योंकि बेल्जियम एक पुराना पश्चिमी यूरोपीय देश है जिसके पास बहुत सारी टेक्नोलॉजी है। लेकिन हमें भारत जैसे देशों की जरूरत है। हमें भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर सहयोग करने की जरूरत है। बेल्जियम के लिए यही आगे बढ़ने का रास्ता है।' 

उन्होंने याद किया कि कैसे देश ने मार्च 2025 में प्रिंसेस एस्ट्रिड के साथ भारत में अपना अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक मिशन भेजा था। इसे 'आपसी, नई दोस्ती और रिश्ते' की दिशा में पहला कदम बताया था। उन्होंने तब से रिश्तों में आई तेजी का जिक्र किया। बताया कि कैसे 18 महीनों के अंदर ही सहयोग वाले प्रोजेक्ट्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए गए हैं।



यह बातचीत क्यों अहम है? 
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया का भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।  इसके पीछे पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कारण हैं। सिंह ने कहा कि बेल्जियम के अपने समकक्ष के साथ हुई बैठक से उभरती चुनौतियों पर विचारों और दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान का मौका मिला। बता दें कि  बेल्जियम के रक्षा मंत्री प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ भारत आए हैं। प्रधानमंत्री 2 से 4 सितंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

 

 

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