बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन

सिविल सेवा में सफलता दिलाने वाले ग्रहों को जानें

राकेश/इंटरनेट डेस्क।

प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना बहुत से लोग देखते हैं। इस क्षेत्र में मान-सम्मान के साथ ही सामाजिक रूतबा भी मिलता है। लेकिन, हर व्यक्ति का यह सपना साकार नहीं होता है। अगर आप भी प्रशासनिक अधिकारी बनने की चाहत रखते है तो अपनी कुण्डली एक बार जरूर देख लीजिए कि आपकी कुण्डली में प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग हैं अथवा नहीं। ऐसा करने से आपकी मेहनत को और बेहतर दिशा मिल सकती है।

प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग
ज्योतिषशास्त्र का मानना है कि अगर आप प्रशानिक अधिकारी बनने की इच्छा रखते हैं तो सबसे पहले यह देखें की आपकी कुण्डली में उच्च शिक्षा के मजबूत योग हैं या नहीं। बेहतर शिक्षा के योग के बिना यह सपना साकार नहीं हो सकता है। इसके लिए जन्मपत्री में गुरू, मंगल और बुध की मजबूत स्थिति होनी चाहिए। इसके साथ ही लग्न से नवम एवं पंचम भाव शुभ ग्रहों के प्रभाव में हो तो व्यक्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करता है।

प्रशासनिक अधिकारी के लिए आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा काफी कठिन होती है। प्रतियोगिता में सफल होने के लिए लग्न स्थान, षष्टम स्थान, दशम स्थान के स्वामी के बीच दृष्टि संबंध हो अथवा वे एक दूसरे के घर में बैठे हों। यानी इनके बीच जितने अच्छे संबंध होंगे व्यक्ति की सफलता का स्तर उतना ही ऊंचा होता है।

प्रशासनिक अधिकारी प्रतियोगिता मे चयन के लिये सूर्य, गुरु, मंगल, राहु व चन्द्र का बलवान होना शुभ होता है। मंगल से व्यक्ति में साहस और उत्साह की वृद्घि होती है जो प्रतियोगिताओं में सफलता की प्राप्ति के लिये अत्यन्त आवश्यक है। सभी ग्रहों में सूर्य को राजा की उपाधि दी गई है। तथा गुरु को ज्ञान का कारक कहा गया है। ये दो ग्रह मुख्य रुप से प्रशासनिक प्रतियोगिताओं में सफलता और उच्च पद प्राप्ति मे सहायक ग्रह माने जाते हैं।

गुरू और सूर्य को मजबूत बनाने के उपाय
जो लोग प्रशासनिक सेवा की तैयारी में लगे हैं उन्हें गुरू और सूर्य को बलवान बनाने के उपाय करने चाहिए। ज्योतिषशास्त्र में इसके लिए कुछ सामान्य उपाय बताए गये हैं। गुरू को अनुकूल बनाने के लिए पुखराज अथवा इसका उपरत्न टोपाज पहन सकते हैं। सूर्य से शुभ फल पाने के लिए माणिक्य धारण कर सकते हैं।

सूर्य को प्रसन्न करने के लिए उगते सूर्य को जल देना भी लाभप्रद होता है। सूर्य को जल देते समय जल के पात्र को सिर के पास रखना चाहिए और पात्र से गिरते हुए जल पर ध्यान केन्द्रित करते हुए सूर्य को देखना चाहिए। इससे ध्यान और एकाग्रता बढती है जिससे लक्ष्य प्राप्ति के प्रति ध्यान केन्द्रित होता है।
विज्ञापन

Recommended

चंद्र ग्रहण के बाद किन चीजों का दान करना रहेगा शुभ ? जानें लाभ और नियम

27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
27 Aug 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

Followed