नवग्रहों के गुरू बृहस्पति सभी ग्रहों में बड़े हैं इसलिए इनका प्रभाव भी राशियों और देश-दुनिया पर अधिक होता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गुरू शुभ ग्रह हैं।
इसलिए जब यह सीधी चाल से चलते हैं कि इनकी शुभता का लाभ विभिन्न राशियों के अलावा देश दुनिया और प्रकृति पर भी होता है।
लेकिन वक्री होने पर इनकी शुभता में कमी आ जाती है यानी यह अपना पूर्ण शुभ फल नहीं दे पाते बल्कि यह नकारात्मक प्रभाव भी देने लगते हैं।
बीते 5 महीने से गुरू उल्टी चाल चल रहे हैं जिससे मौसम और देश दुनिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहे हैं।
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