बंद पड़ी छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने को रविवार को एक नया मोड़ मिला। अलीगढ़ जिले से पहुंचे भूतपूर्व सैनिकों ने आंदोलनकारियों को खुला समर्थन देते हुए प्रशासन और सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में केवल संगठन की कार्यकारिणी ने समर्थन देने के लिए कदम बढ़ाया है। यदि प्रशासन ने जल्द ही मिल को चालू करने को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरा पूर्व सैनिक संगठन मैदान में उतर जाएगा। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि आंदोलन के समर्थन में इतनी बड़ी संख्या में सैनिक पहुंचेंगे कि धरना स्थल पर पैर रखने तक की जगह कम पड़ जाएगी। स्थानीय किसानों और आंदोलनकारियों में पूर्व सैनिकों के इस समर्थन से नया जोश देखने को मिला है। वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों के अस्तित्व की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास से जुड़ी है, जिसे किसी भी कीमत पर अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।