कासगंज जिले का बरौना गांव पिछले 4 साल से कटान की त्रासदी झेल रहा है। अब फिर से गंगा की धारा ने बरौना के कच्चे तटबंधों पर कटान शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यदि कटान नहीं रुक तो बरौना समेत आसपास के कई गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगेगा। साल 2022 में बरौना पहली बार कटान की चपेट में आया था। तब सैकड़ो बीघा जमीन को नुकसान पहुंचा था। कई आशियाने उजड़ गए थे। इसके बाद सिंचाई विभाग ने बरौना के आसपास कच्चे तटबंध का निर्माण कराया था। इस साल भी सिंचाई विभाग की ओर से करीब 350 मीटर लंबा पिचिंग बोल्डर वाला पक्का तटबंध बनाया गया है। मगर जहां पर कच्चा तटबंध है वहां पर कटान होने लगा है। सिंचाई विभाग की ओर से मड बैग लगाकर कटान रोकने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि यह कटान रोकने में कितना कारगर साबित होगा, यह देखने वाली बात होगी।