गायिका प्रतिभा सिंह बघेल की लाइव प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। उन्होंने मखमली आवाज में गजल और गीतों की लड़ी पिरोकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शुरुआत दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए..., चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है... और ये न थी हमारी क़िस्मत... गाकर श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा। हसरत मोहानी की मशहूर गजल ''''अंदाज अपने देखते हैं आईने में वो'''' और फरीदा खानम को याद करते हुए ''''न रवा कहिए'''', जमीन पर गिरा दिया मुझको धुआं बनाके फिजा में उड़ा दिया मुझको की प्रस्तुति पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।