एटा के सकीट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यालय का घेराव कर मुख्य दरवाजे पर तालाबंदी कर दी। सोमवार को करीब तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की घेराबंदी कर मेन दरवाजे की तालाबंदी की और जमकर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं ने 18 हजार रुपये मासिक मानदेय तय करने और राजकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद आशाओं ने एमओआईसी डॉ. शिव कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आशा यूनियन की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता गांव से गर्भवती महिलाओं को सीएचसी लेकर आती हैं, लेकिन अस्पताल में उनके बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएचसी पर आशाओं के लिए एक कमरा और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि रात में आने पर वे आराम कर सकें जिसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक वे कोई काम नहीं करेंगी और हड़ताल पर रहेंगी। इस दौरान मीना देवी, ममता देवी, कुसमा देवी, मंजू देवी, राजवती, गुड्डी देवी, सरिता, रेनू, संगीता आदि कार्यकर्ता माैजूद रहीं।