सहायक परिचालन प्रबंधक (एओएम) अभिषेक सिंह कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रेलवे कर्मचारियों का आंदोलन लगातार चौथे दिन जारी रहा। बृहस्पतिवार शाम नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के बैनर तले कर्मचारियों ने यूनियन कार्यालय से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला। यहां वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सीनियर डीओएम) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके तत्काल स्थानांतरण और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। शाम पांच बजे मंडल मंत्री सुकेश यादव के नेतृत्व में निकले मार्च में कर्मचारी हाथों में लाल बैनर और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पहुंचे। डीआरएम कार्यालय के गेट पर पहुंचकर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सीनियर डीओएम कुर्सी छोड़ो-कुर्सी छोड़ो के नारे लगाए। इस दौरान कार्यालय के गेट पर आरपीएफ के जवान तैनात रहे। यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सीनियर डीओएम की कथित प्रताड़ना, तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली और काम के लगातार दबाव से परिचालन विभाग के कर्मचारियों में भय और मानसिक तनाव का माहौल है। उन्होंने रेल प्रशासन से मामले की जांच के लिए समिति गठित करने, निष्पक्ष जांच कराने और सीनियर डीओएम का आगरा से तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और प्रतिदिन प्रदर्शन कर एओएम को न्याय दिलाने की आवाज उठाई जाएगी। प्रदर्शन में केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कॉमरेड राकेश पाठक, हरिओम भारद्वाज, साजमा परवीन, नीरज परिवार, शाखा सचिव अभिमन्यु वर्मा, बृजपाल सिंह, रवींद्र सिंह, महेश बघेल, आयुष यादव और प्रकाश चंद सहित दर्जनों रेलकर्मी शामिल रहे।