जल शक्ति मंडल सुजानपुर के तहत आने वाले पांच पंचायतों के 23 गांवों के लोगों को जल्द ही पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से चबूतरा मल्टीविलेज पेयजल योजना पर काम चल रहा है। योजना का करीब 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और अब बिजली की आपूर्ति से जुड़ा काम बाकी बताया जा रहा है। इस योजना के शुरू होने के बाद करीब 10 हजार लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। विभाग ने ब्यास नदी से पानी उठाने के लिए पुआड़ के समीप दो कुओं का निर्माण किया है। यहां से पानी को करीब 23 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन के जरिये अलग-अलग टैंकों तक पहुंचाया जाएगा। योजना के तहत तीन पानी के टैंकों का निर्माण भी किया गया है। इन टैंकों में पानी पहुंचने के बाद पांच पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 23 गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। विभाग के अनुसार योजना से प्रतिदिन 42.15 लीटर प्रति सेकेंड की दर से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। क्षेत्र के कई गांवों में मौजूदा समय में नियमित पेयजल आपूर्ति चुनौती बनी हुई है। कई स्थानों पर लोगों को दूसरे या तीसरे दिन पानी मिल रहा है। स्थानीय जल स्रोतों और पुंग समेत अन्य स्रोतों से पानी उठाने के कारण मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मियों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को घरेलू जरूरतें पूरी करने में परेशानी होती है और कई बार टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। नई योजना के चालू होने से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है। मल्टीविलेज पेयजल योजना से करोट, चबूतरा, री, बनाल और मनिहाल पंचायतों के 23 गांवों को लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था से लोगों को अधिक मात्रा में पानी मिलने के साथ पेयजल की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। विभाग के मुताबिक नई प्रणाली में पानी का दबाव भी मौजूदा व्यवस्था की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है। जल शक्ति विभाग के हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता रोहित दूबे ने बताया कि चबूतरा पेयजल योजना का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही योजना को संचालित कर लोगों को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।