पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित सदस्यों ने जीत दर्ज की है। सोमवार को हुए चुनाव में अघार वार्ड से भाजपा समर्थित वासुदेव को अध्यक्ष चुना गया, जबकि ताल वार्ड से रानी उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुईं। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित वासुदेव और कांग्रेस समर्थित त्रिभुवन के बीच मुकाबला हुआ। पंचायत समिति के कुल 17 सदस्यों ने मतदान किया। इसमें वासुदेव के पक्ष में 10 मत पड़े, जबकि त्रिभुवन को सात मत मिले। इस तरह वासुदेव ने तीन मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद के लिए ताल वार्ड की सदस्य रानी ने नामांकन दाखिल किया। उनके सामने किसी अन्य सदस्य ने नामांकन नहीं किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें निर्विरोध उपाध्यक्ष चुन लिया गया। इस परिणाम के साथ पंचायत समिति हमीरपुर के दोनों प्रमुख पद भाजपा समर्थित सदस्यों के पास चले गए हैं। भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने पंचायत समिति के चुनाव परिणाम को प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता के रुख से जोड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भाजपा समर्थित सदस्यों की जीत महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में भी कांग्रेस को मुख्यमंत्री के गृह जिले में हार का सामना करना पड़ा और अब पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को सफलता नहीं मिली। आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और जनता सरकार के कामकाज से नाराज है। विधायक ने मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हिमाचल की जनता ने इससे पहले इतना झूठ बोलने वाला मुख्यमंत्री नहीं देखा। हालांकि, भ्रष्टाचार और सरकार के कामकाज को लेकर विधायक की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर खबर जारी होने तक सरकार या मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।