सोनीपत। खरखौदा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों और नगरपालिका के बीच चल रहे विवाद ने रविवार को अनोखा रूप ले लिया। सफाई ठेके में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने शहर में सफाई करने वाले अदृश्य 30 कर्मचारियों की आत्मिक शांति के लिए हवन किया। पार्षद नवीन दहिया के नेतृत्व में जय नारायण धर्मशाला में आयोजित हवन में पार्षदों व शहरवासी शामिल हुए। पार्षदों का आरोप है कि नगरपालिका के सफाई ठेके में 55 सफाई कर्मचारियों का उल्लेख है, लेकिन मौके पर करीब 25 कर्मचारी ही शहर में सफाई करते दिखाई देते हैं। पार्षदों का कहना है कि बाकी करीब 30 कर्मचारी न उन्हें दिखाई देते हैं और न ही शहरवासियों को। इसके बावजूद इन कर्मचारियों के नाम पर ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है। इसी तंज के साथ पार्षदों ने इन ‘अदृश्य सफाई कर्मियों’ को भूत-प्रेत मानते हुए उनकी आत्मिक शांति के लिए हवन किया। हवन में मौजूद शहरवासियों ने भी पार्षदों की मांग का समर्थन किया। उनका कहना था कि जितने सफाई कर्मचारी वास्तव में शहर में काम कर रहे हैं, उनकी उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाना चाहिए।